हॉकी विश्व कप में भारत-पाकिस्तान आमने सामने 16 साल बाद वर्ल्ड कप में टक्कर जीत के साथ इतिहास दोहराना चाहेगा भारत
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रुप डी में टीम ने अब तक एक मुकाबला जीता है और एक में हार का सामना किया है। भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की शानदार जीत के साथ की थी। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ उसे 2-4 से हार झेलनी पड़ी। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला आखिरी ग्रुप मुकाबला टीम इंडिया के लिए आगे की राह तय करने वाला है। भारत की कोशिश होगी कि मजबूत प्रदर्शन के साथ अगले चरण में अपनी जगह पक्की करे।
दूसरी तरफ पाकिस्तान के लिए मुकाबले की चुनौती और भी बड़ी है। पाकिस्तान ने ग्रुप चरण में अब तक जीत दर्ज नहीं की है और उसकी स्थिति बेहद दबाव वाली है। चार टीमों वाले ग्रुप में भारत के साथ इंग्लैंड वेल्स और पाकिस्तान शामिल हैं। टूर्नामेंट के प्रारूप के मुताबिक ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीम सीधे अगले चरण में जाएगी जबकि अन्य टीमों को आगे बढ़ने के लिए क्रॉसओवर मुकाबलों का रास्ता अपनाना होगा। इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी मुकाबलों का इतिहास बेहद पुराना और रोमांचक रहा है। दोनों टीमें जब भी मैदान पर उतरती हैं तो मुकाबले में खेल के साथ भावनाओं का भी खास रंग देखने को मिलता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत का प्रदर्शन पाकिस्तान के खिलाफ काफी मजबूत रहा है। विश्व कप के इतिहास में दोनों टीमें पांच बार आमने सामने आई हैं जिनमें भारत ने तीन मुकाबले जीते हैं जबकि पाकिस्तान को दो मैचों में सफलता मिली है। दोनों टीमों की पिछली विश्व कप भिड़ंत 2010 में हुई थी और उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया था।
भारतीय टीम इस बार भी उसी दबदबे को कायम रखना चाहेगी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ की थी और कप्तान ने वेल्स के खिलाफ दो गोल कर अहम भूमिका निभाई थी। इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद भारतीय टीम अब अपनी गलतियों को सुधारते हुए पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक और संतुलित हॉकी खेलने के इरादे से मैदान में उतर सकती है।
मुकाबले की खास बात यह भी है कि पाकिस्तान लंबे अंतराल के बाद हॉकी विश्व कप में लौटा है। चार बार का विश्व चैंपियन पाकिस्तान हाल के वर्षों में मुश्किल दौर से गुजरा है लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उसकी मौजूदगी भारत के मुकाबले को और खास बनाती है। दूसरी ओर भारत लंबे समय से विश्व कप खिताब का इंतजार कर रहा है और 1975 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरा है।
भारत-पाकिस्तान की इस भिड़ंत में सिर्फ तीन अंक या अगले दौर की स्थिति ही दांव पर नहीं होगी बल्कि दोनों टीमों के लिए प्रतिष्ठा भी महत्वपूर्ण होगी। भारत जहां पिछले प्रदर्शन की लय वापस हासिल करना चाहेगा वहीं पाकिस्तान विश्व कप में अपनी वापसी को यादगार बनाने के लिए बड़ा उलटफेर करने की कोशिश करेगा। ऐसे में वैगनर स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला हॉकी प्रशंसकों के लिए रोमांच और दबाव से भरपूर रहने की उम्मीद है।
