August 18, 2026

उत्तराखंड के 5 हजार टीचरों का खंगाला जाएगा रिकॉर्ड

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  • नए सिरे से वेतन निर्धारण की तैयारी, अतिरिक्त इंक्रीमेंट नियम विरुद्ध मान चुकी सरकार

उत्तराखंड के माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा विभाग में तैनात 5 हजार से ज्यादा शिक्षकों का वेतन नए सिरे से निर्धारित किया जाएगा। इन शिक्षकों को वर्ष 2016 से 2019 के बीच चयन और प्रोन्नत वेतनमान का लाभ देते समय एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि यानी इंक्रीमेंट भी दिया गया था। बाद में शासन ने इस अतिरिक्त इंक्रीमेंट को नियमों के अनुरूप नहीं माना और संशोधित आदेश जारी किए थे। अब शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोंडे के निर्देश पर विभाग ऐसे सभी शिक्षकों का रिकॉर्ड खंगाल रहा है। शिक्षकों को अब तक किए गए अतिरिक्त भुगतान का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। इसके आधार पर नए सिरे से वेतन निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

2016 से 2019 के बीच मिला था लाभ

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद शिक्षकों के वेतनमान में बदलाव हुआ था। इसी दौरान जिन शिक्षकों ने 10 से 12 वर्ष की सेवा पूरी कर ली थी, उन्हें नियमों के तहत चयन वेतनमान और प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया गया।
वेतन निर्धारण के दौरान पे-मैट्रिक्स तय करते हुए कई शिक्षकों को एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि भी दे दी गई। उस समय विभागीय स्तर पर इसे वेतन निर्धारण का हिस्सा मानकर भुगतान किया गया।

शासन ने अतिरिक्त इंक्रीमेंट को बाद में माना अमान्य

बाद में शासन स्तर पर इस मामले की समीक्षा हुई। नियमों का हवाला देते हुए अतिरिक्त इंक्रीमेंट को मान्य नहीं माना गया। इसके बाद संशोधित आदेश जारी किए गए और जिन शिक्षकों को अतिरिक्त भुगतान हुआ था, उनसे अधिक भुगतान की गई धनराशि की रिकवरी शुरू कर दी गई। इससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई। शिक्षक संगठनों ने शासन के इस फैसले का विरोध करते हुए रिकवरी रोकने की मांग की।

रिकवरी पर अदालत के हस्तक्षेप के बाद लगी रोक

मामला अदालत तक भी पहुंचा। शिक्षक संगठनों के विरोध और न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद शासन ने फिलहाल अतिरिक्त भुगतान की वसूली पर रोक लगा दी थी। इससे शिक्षकों को तत्काल राहत तो मिली, लेकिन अतिरिक्त इंक्रीमेंट और सही वेतन निर्धारण का मामला लंबित बना रहा।

अब विभाग जुटा रहा हर शिक्षक का भुगतान रिकॉर्ड

अब शिक्षा महानिदेशक के निर्देश के बाद विभाग ने इस मामले को दोबारा प्रक्रिया में लिया है। शिक्षा विभाग संबंधित शिक्षकों का वेतन निर्धारण, चयन/प्रोन्नत वेतनमान और अतिरिक्त इंक्रीमेंट से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड जुटा रहा है। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि प्रत्येक शिक्षक को अतिरिक्त इंक्रीमेंट के चलते अब तक कितनी अतिरिक्त धनराशि का भुगतान हुआ है। इसके बाद नियमों के अनुसार वेतन को दोबारा निर्धारित किया जाएगा।

5 हजार से ज्यादा शिक्षक प्रभावित

इस पूरी प्रक्रिया का असर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 5 हजार से अधिक शिक्षकों पर पड़ने की संभावना है। हालांकि अंतिम संख्या विभाग की ओर से रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद स्पष्ट होगी। नए वेतन निर्धारण के बाद यह भी तय होगा कि किस शिक्षक के वेतन में कितना बदलाव होगा और पूर्व में किए गए अतिरिक्त भुगतान को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षकों की नजर अब अगले आदेश पर

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नए वेतन निर्धारण के बाद पहले से भुगतान की गई अतिरिक्त धनराशि का क्या होगा। चूंकि रिकवरी पर पहले रोक लग चुकी है और मामला अदालत तक जा चुका है, ऐसे में विभाग को वेतन निर्धारण की प्रक्रिया के साथ-साथ रिकवरी से जुड़े न्यायिक और शासनादेशों को भी ध्यान में रखना होगा।
शिक्षक संगठनों की नजर अब शिक्षा विभाग की नई प्रक्रिया और आने वाले आदेशों पर है। विभागीय स्तर पर रिकॉर्ड तैयार होने के बाद तस्वीर साफ होगी कि शिक्षकों के वेतन में वास्तविक रूप से कितना अंतर आता है और अतिरिक्त भुगतान के मामले में शासन का अगला कदम क्या होगा।

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