Tunnel Landslide: क्या हुआ था सुरंग में? घायलों ने बताया, बोले-एक नहीं तीन बार हुआ भूस्खलन
-
मलबा आया और बहा ले गया
टीएचडीसी की 444 मेगावाट वाली पीपलकोटी विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना में बृहस्पतिवार शाम को हुआ हादसा एक खौफनाक मंजर था। वहां पर एक नहीं बल्कि तीन बार भूस्खलन होने की बात सामने आई है। दूसरी बार के मलबे ने सबसे अधिक नुकसान किया।
हादसे से कुछ दूरी पर काम करने वाले श्रमिकों ने बताया कि तीन बार हवा का तेज झोंका आया कुछ समझ पाते इससे पहले ही भारी मलबा उनकी ओर आ गया। वे मलबे में ही बहते हुए बाहर की तरफ आए। गनीमत रही कि वहां पड़े मलबे से नहीं टकराए वरना बचना मुश्किल था।
हारबिल गुड़िया (27) पुत्र रेजन गुड़िया निवासी गांव तपरा, जिला खूंटी झारखंड हादसे में बुरी तरह घायल हैं। इनके पैर में फ्रैक्चर व अन्य जगह चोटें आई हैं। हादसे में सुरक्षित बचने वाले ओडिशा के जागेश्वर भी अस्पताल में साथियों की देखरेख कर रहे हैं। दोनों श्रमिकों के अनुसार हवा का एक तेज झोंका हादसे के पहले आया।
जबकि दूसरी बार आया हवा का झोंका इतना तेज था कि अंदर सब धुंधला सा हो गया। उनके कुछ समझने से पहले ही तीसरी बार बार आए झोंके के साथ भारी मलबा और गाद उनकी तरफ आने लगी। उन्होंने वहां से बाहर निकलने की कोशिश की परंतु मलबे ने हारबिल गुड़िया को चपेट में ले लिया।
मलबे के साथ वह बहते हुए बाहर की तरफ आने लगे। इससे उन्हें काफी चोटें आईं। ईश्वर का धन्यवाद करते हुए वे कहते हैं कि वे टनल के बीच में थे यदि किनारे पर होते तो वहां रखे सरिया व अन्य निर्माण सामग्री से टकरा जाते। जागेश्वर हादसे के समय कुछ बाहर की तरफ थे, ऐसे में उन्हें भागने का मौका मिल गया।
वहीं झारखंड के जिला खूंटी के निवासी हादसे में घायल निस्तर भिंगरा (24) पुत्र राफेल भिंगरा भी जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उनके अनुसार हादसे से वे काफी दूर थे, परंतु सैलाब इतना तेज आया कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। उनके पास एक पाइप लगा था जिसे उन्होंने कसकर पकड़ लिया। जब सैलाब कुछ कम हुआ तो वह घायल हालत में वहां से बाहर की तरफ आए।
