MP में मानसून टूरिज्म का जबरदस्त क्रेज! मांडू में 14 से 16 अगस्त तक नो रूम, दतिया में 95% कमरे बुक
मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून के साथ पर्यटन का रंग भी गहरा हो गया है। बारिश के बाद झरनों पहाड़ियों नदियों और ऐतिहासिक स्मारकों की खूबसूरती पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। वहीं सावन सोमवार और नागपंचमी जैसे धार्मिक आयोजनों ने उज्जैन और दूसरे धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ा दी है। पचमढ़ी मांडू महेश्वर उज्जैन दतिया नलखेड़ा और ओरछा जैसे प्रमुख पर्यटन और धार्मिक केंद्रों में वीकेंड के दौरान होटल और गेस्ट हाउस की बुकिंग तेजी से बढ़ रही है। कई जगहों पर कमरे पहले से बुक हो चुके हैं और जहां कमरे उपलब्ध हैं वहां बढ़ती मांग के कारण किराया भी सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ गया है।
मांडू में बारिश के मौसम में ऐतिहासिक इमारतों और पहाड़ियों का नजारा बेहद आकर्षक हो जाता है। यही वजह है कि 14 से 16 अगस्त के बीच यहां होटल पूरी तरह बुक बताए जा रहे हैं। मांडू में करीब 2 सरकारी और 20 निजी होटल के अलावा 2 धर्मशालाएं हैं। यहां लगभग 800 कमरों की उपलब्धता है। सामान्य तौर पर कमरों का किराया 500 रुपए से शुरू होकर 10 हजार रुपए तक पहुंचता है। धर्मशालाओं में करीब 2 हजार रुपए तक में ठहरने की सुविधा मिल सकती है। मांडू में जहाज महल रानी रूपमती महल बाज बहादुर महल अशरफी महल और होशंग शाह का मकबरा जैसे ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण हैं।
उज्जैन में स्थिति और ज्यादा खास है। सावन सोमवार और नागपंचमी एक साथ पड़ने के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। शनिवार और रविवार को करीब 3 से 4 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है जबकि सावन सोमवार और नागपंचमी के दिन यह संख्या 5 से 6 लाख तक पहुंच सकती है। इसके चलते शहर के अधिकांश होटल पहले ही बुक हो चुके हैं। बचे हुए कमरों के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सामान्य दिनों में 1500 रुपए में मिलने वाला कमरा वीकेंड पर करीब 2000 रुपए तक पहुंच गया है। महाकाल लोक के आसपास छोटे होटलों में किराया लगभग दोगुना तक बढ़ा है जबकि बड़े होटल 15 से 35 प्रतिशत तक अधिक कीमत ले रहे हैं।
नर्मदा किनारे बसे महेश्वर में भी पर्यटकों की अच्छी भीड़ है। यहां 120 से ज्यादा होटल होम स्टे रिजॉर्ट धर्मशालाएं और पर्यटन निगम के ठहरने के विकल्प मौजूद हैं। कमरे का शुरुआती किराया करीब 1200 रुपए है लेकिन हेरिटेज और लग्जरी प्रॉपर्टीज में रॉयल रूम की कीमत 60 हजार रुपए तक पहुंच रही है। महेश्वर आने वाले पर्यटक अक्सर ओंकारेश्वर उज्जैन और मांडू का भी रुख करते हैं। अहिल्याबाई होलकर की विरासत होलकर फोर्ट और नर्मदा के घाट यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।
आगर मालवा के नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के कारण हर शनिवार और रविवार श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ रहती है। शहर में करीब 45 होटल हैं और कमरों का किराया 500 से 4500 रुपए तक है। वीकेंड को देखते हुए यहां भी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है।
ओरछा में राजा राम मंदिर के कारण धार्मिक पर्यटन लगातार बना रहता है। यहां करीब 15 बड़े और 50 छोटे होटल के साथ लगभग 20 होम स्टे हैं। कमरों का किराया 3 हजार से 15 हजार रुपए तक बताया जाता है। वहीं दतिया में पीतांबरा माता मंदिर के चलते श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। शहर के करीब 90 होटल और धर्मशालाओं में लगभग 95 प्रतिशत कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं।
खजुराहो में फिलहाल पर्यटन सीजन अपेक्षाकृत कमजोर बताया जा रहा है लेकिन वीकेंड पर यहां भी पर्यटकों की संख्या बढ़ती है। करीब 200 होटल होम स्टे और अन्य ठहरने के विकल्प मौजूद हैं। फाइव स्टार होटलों का टैरिफ 30 से 60 हजार रुपए तक जबकि थ्री स्टार होटलों में ऑफ सीजन में करीब 5 से 7 हजार और सीजन में 10 से 12 हजार रुपए तक किराया पहुंच सकता है।
ऐसे में अगर इस वीकेंड मध्य प्रदेश के किसी पर्यटन या धार्मिक स्थल पर घूमने का प्लान है तो होटल की एडवांस बुकिंग कराना समझदारी होगी। मानसून की खूबसूरती और धार्मिक आयोजनों के कारण इस समय कई लोकप्रिय जगहों पर आखिरी समय में कमरा मिलना मुश्किल हो सकता है।
