उतार-चढ़ाव के बीच मामूली बढ़त पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 43 अंक चढ़ा और निफ्टी 24,583 पर पहुंचा
कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,542.44 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी50 में 13.15 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की मामूली तेजी दर्ज की गई और यह 24,583.80 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों की सीमित बढ़त से संकेत मिला कि निवेशकों ने मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रुख बनाए रखा।
व्यापक बाजार में हालांकि तस्वीर कुछ अलग रही। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.62 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.27 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुआ। इसके बावजूद दोनों सूचकांक अपने-अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों के आसपास बने हुए हैं। इससे व्यापक बाजार में अब भी मजबूती कायम रहने का संकेत मिलता है।
क्षेत्रवार कारोबार में निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा और इसमें करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। फार्मा और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। इसके विपरीत निफ्टी रियल्टी ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार की कमजोरी के बीच मजबूती दिखाई।
निफ्टी50 में टाइटन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, ग्रासिम और टाटा स्टील प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का रुख दिखाई दिया और इन्होंने सूचकांक को संभालने में योगदान दिया।
दूसरी ओर एसबीआई, इटरनल, आईटीसी, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, टीसीएस, विप्रो और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन प्रमुख शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही और कारोबार का समग्र रुख सपाट बना रहा।
आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 24,750 से 24,800 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस क्षेत्र माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकता है तो आगे 24,950 और फिर 25,100 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है।
वहीं, बाजार में कमजोरी आने पर 24,450 से 24,420 का क्षेत्र निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन रहेगा। इस स्तर के ऊपर सूचकांक के बने रहने तक बाजार की व्यापक संरचना सकारात्मक रहने की उम्मीद है। ऐसे में वैश्विक घटनाक्रम, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी स्थिति, आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक बनी रहेगी।
