मोटापा घटाने में GLP-1 दवाओं ने बढ़ाई उम्मीद लेकिन गंभीर मरीजों के लिए सर्जरी अब भी क्यों जरूरी
GLP-1 दवाएं शरीर में भूख और खाने की इच्छा को नियंत्रित करने वाले तंत्र पर असर डालती हैं। इनसे कुछ लोगों को कम खाने और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करने में मदद मिल सकती है। इसके कारण वजन कम करने में सहायता मिलती है। यही वजह है कि जो लोग वजन घटाने की सर्जरी से बचना चाहते हैं उनके लिए GLP-1 दवाएं एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आई हैं। हालांकि इन दवाओं को किसी आसान या जादुई तरीके के रूप में देखना सही नहीं है।
मोटापे के इलाज में केवल वजन कम करना ही लक्ष्य नहीं होता बल्कि व्यक्ति की पूरी सेहत में सुधार करना भी जरूरी होता है। अगर किसी व्यक्ति को गंभीर मोटापे के साथ टाइप 2 डायबिटीज दिल से जुड़ी समस्या फैटी लिवर या स्लीप एपनिया जैसी बीमारी है तो डॉक्टर इलाज के दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। कुछ गंभीर मामलों में वजन घटाने की सर्जरी अब भी प्रभावी उपचार विकल्प हो सकती है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि GLP-1 दवाओं के आने के बाद सर्जरी की जरूरत खत्म हो गई है।
GLP-1 दवाओं की बढ़ती लोकप्रियता के बीच विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। दवा शुरू करने से पहले व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री वजन बढ़ने के कारण दूसरी बीमारियों और इस्तेमाल की जा रही दवाओं की जानकारी लेना जरूरी होता है। दवा की मात्रा और उपचार की अवधि भी डॉक्टर ही तय करते हैं। कुछ लोगों में दवा से पाचन संबंधी परेशानी सहित अन्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं इसलिए नियमित चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है।
वजन कम करने के दौरान खानपान की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रहती है। GLP-1 दवाओं से भूख कम हो सकती है लेकिन शरीर को पर्याप्त प्रोटीन फाइबर विटामिन खनिज और पानी मिलना जरूरी है। केवल कम खाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि पौष्टिक भोजन लेना भी जरूरी है। इसके साथ नियमित शारीरिक गतिविधि अच्छी नींद और तनाव को नियंत्रित करना वजन को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद कर सकता है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि दवा बंद करने के बाद कुछ लोगों में वजन दोबारा बढ़ सकता है। इसलिए लंबे समय तक बेहतर परिणाम बनाए रखने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी है। जरूरत के अनुसार डॉक्टर के साथ डाइट एक्सपर्ट और व्यायाम विशेषज्ञ की मदद भी ली जा सकती है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि दवा बंद करने के बाद कुछ लोगों में वजन दोबारा बढ़ सकता है। इसलिए लंबे समय तक बेहतर परिणाम बनाए रखने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी है। जरूरत के अनुसार डॉक्टर के साथ डाइट एक्सपर्ट और व्यायाम विशेषज्ञ की मदद भी ली जा सकती है।
कुल मिलाकर GLP-1 दवाओं ने मोटापे के इलाज के क्षेत्र में नई संभावनाएं जरूर खोली हैं लेकिन हर मरीज के लिए यही सबसे अच्छा विकल्प हो ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ लोगों को दवाओं से अच्छा लाभ मिल सकता है जबकि गंभीर मोटापे और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों में सर्जरी की भूमिका बनी रह सकती है। इसलिए वजन घटाने के लिए किसी भी दवा या सर्जरी का फैसला खुद से लेने के बजाय योग्य डॉक्टर से पूरी जांच और सलाह के बाद ही करना चाहिए। सही इलाज के साथ संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनाना ही लंबे समय तक स्वस्थ वजन बनाए रखने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
