August 9, 2026

पंजाब में AAP का हिंदू वोटों पर फोकस! राम शो और शिव भजन से साधेगा सियासी समीकरण, BJP की बढ़ी चुनौती

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नई दिल्ली । पंजाब की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने अपनी रणनीति का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है। अब तक पंथक मुद्दों के जरिए सिख मतदाताओं तक पहुंच बनाने वाली आम आदमी पार्टी हिंदू मतदाताओं के बीच भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करती नजर आ रही है। इसी रणनीति के तहत भगवान श्रीराम पर आधारित हमारे राम नाटक के मंचन और भगवान शिव को समर्पित भजन संध्याओं का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 7 अगस्त को मोहाली से हमारे राम के मंचन की शुरुआत की। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग शहरों में इसके आयोजन की तैयारी है। इसे पंजाब की बदलती राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

आम आदमी पार्टी की यह पहल केवल भगवान श्रीराम तक सीमित नहीं है। इससे पहले भगवान शिव के नाम पर एक शाम शिव के नाम भजन संध्या कार्यक्रम की शुरुआत भी की जा चुकी है। इन आयोजनों को पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में ले जाने की योजना है। बताया गया है कि राज्य के 22 शहरों में शिव भजन संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं हमारे राम के कुल 41 मंचन किए जाने की तैयारी है। पंजाब कैबिनेट ने इसी साल जनवरी में हमारे राम के 40 शो कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई। इस नाटक में अभिनेता आशुतोष राणा रावण की भूमिका निभा रहे हैं।

राजनीतिक नजरिए से देखें तो पंजाब में आम आदमी पार्टी की यह रणनीति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य में हिंदू मतदाताओं की आबादी करीब 39 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है और कई शहरी व सीमावर्ती क्षेत्रों में उनका चुनावी प्रभाव काफी अहम है। पठानकोट, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, फाजिल्का और मोहाली जैसे क्षेत्रों में हिंदू मतदाताओं की भूमिका चुनावी नतीजों पर असर डाल सकती है। ऐसे में आम आदमी पार्टी का धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए इन इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का प्रयास राजनीतिक तौर पर खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पंजाब की राजनीति में हिंदू वोटरों को लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत आधार माना जाता रहा है। हाल के चुनावों में भी भाजपा ने हिंदू बहुल और शहरी इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़कर 18.6 प्रतिशत पहुंचा था। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रोपड़ जैसे कंडी बेल्ट के क्षेत्रों में भी भाजपा का प्रभाव देखने को मिला। ऐसे में आम आदमी पार्टी की ओर से राम और शिव से जुड़े कार्यक्रमों को इन इलाकों तक ले जाना चुनावी समीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनीतिक मामलों के जानकारों के मुताबिक पंजाब में कोई भी राजनीतिक दल हिंदू मतदाताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी अब पंथक राजनीति के साथ हिंदू मतदाताओं तक भी अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। हालांकि पार्टी इन आयोजनों को सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने की पहल के तौर पर पेश कर रही है। आयोजकों के अनुसार हमारे राम के मंचन के जरिए भगवान श्रीराम के सत्य, धर्म, दया और सद्भावना के आदर्शों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी की रणनीति में आगे भी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भूमिका बढ़ती दिखाई दे रही है। भगवान शिव के नाम पर होने वाली भजन संध्याओं के अलावा अगले साल फरवरी तक संत श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर भी विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। इससे साफ है कि पार्टी पंजाब के अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक समूहों तक अपनी राजनीतिक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।

अब देखना यह होगा कि आम आदमी पार्टी की यह रणनीति चुनावी राजनीति में कितना असर डालती है। एक तरफ भाजपा हिंदू मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए सक्रिय रहेगी तो दूसरी ओर आप पंथक मुद्दों के साथ हिंदू वोटरों को भी साधने की कोशिश करेगी। ऐसे में पंजाब में आने वाले चुनाव से पहले हिंदू और पंथक वोटों का समीकरण किस दिशा में जाता है यह राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

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