अपने होम स्टेट में घर बसाना चाहते हैं ऋषभ पंत, तीन साल से जमीन की तलाश के बाद सीएम से लगाई गुहार
ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित करते हुए कहा कि वह लंबे समय से उत्तराखंड में जमीन लेने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहते हैं और अपने परिवार के साथ अपने राज्य में रहना चाहते हैं। पंत ने बड़ी और अच्छी जमीन की जरूरत बताई, जहां वह अपना घर बना सकें और स्थायी रूप से रह सकें।
पंत ने अपनी पोस्ट में उत्तराखंड के प्रति अपने लगाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह अपने राज्य से बेहद प्यार करते हैं और पहाड़ के लोगों के बीच रहना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले को देखने और जमीन उपलब्ध कराने में मदद करने की अपील की। पंत के मुताबिक, इस प्रयास को करीब तीन साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें जमीन नहीं मिल पाई है।
क्रिकेटर ने यह भी कहा कि उन्हें उत्तराखंड को प्रमोट करने के उद्देश्य से कुछ अन्य जमीन भी मिलनी थी, लेकिन वह प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद पंत ने एक और पोस्ट करते हुए कहा कि अपने राज्य के लिए देश का उच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करने के बदले अगर राज्य की ओर से घर बनाने के लिए जमीन मिल जाए तो यह उनके लिए खुशी की बात होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर वह सरकार से जमीन खरीदने के लिए तैयार हैं।
ऋषभ पंत की अपील पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिक्रिया देते हुए मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने पंत को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। उन्होंने पंत की मातृभूमि के प्रति भावना और उत्तराखंड लौटकर योगदान देने की इच्छा की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत द्वारा उठाए गए मामले के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिकारी जल्द ही ऋषभ पंत से संपर्क करेंगे और नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इससे पंत की जमीन से जुड़ी समस्या के समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
हालांकि, ऋषभ पंत उत्तराखंड में पूरी तरह जमीनविहीन नहीं हैं। रुड़की में उनके परिवार का करीब दो से ढाई हजार वर्ग गज में फैला पैतृक मकान है। इसी परिसर में उनके पिता स्वर्गीय राजेंद्र पंत पहले न्यू मॉडर्न पब्लिक स्कूल भी चलाते थे। परिवार का यह आवास आज भी मौजूद है और वहां ऋषभ पंत की मां रहती हैं। मकान पर उनके पिता के साथ ऋषभ पंत के नाम की नेम प्लेट भी लगी हुई है।
पंत का पैतृक संबंध पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट विकासखंड के गांव पाली से भी है। गांव में उनके परिवार के सदस्य और उनके दो चाचा जगदीश चंद्र पंत और हेम पंत रहते हैं। ऐसे में उत्तराखंड में जमीन और घर को लेकर पंत की इच्छा उनके पुराने पारिवारिक जुड़ाव से भी जुड़ी हुई है। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
