August 4, 2026

तृषा से जुड़े कथित बयान पर बढ़ा विवाद, शिकायत के बाद उदयनिधि स्टालिन पर कार्रवाई, आरोपों से किया इनकार

0
28-1785846945


नई दिल्ली ।
तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब डीएमके नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को एक कथित विवादित बयान के मामले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अभिनेत्री तृषा से जुड़ी कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

पुलिस कार्रवाई के बाद उदयनिधि स्टालिन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके भाषण को वास्तविक संदर्भ से हटाकर संपादित किया गया और सोशल मीडिया पर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया। उनके अनुसार उन्होंने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी और पूरे मामले को राजनीतिक रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है।

उदयनिधि ने कहा कि उनके भाषण के कुछ हिस्सों को “कट, कॉपी और पेस्ट” कर अलग अर्थ देने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी का अपमान करने की मंशा से कोई टिप्पणी नहीं की और यदि पूरा भाषण देखा जाए तो वास्तविक संदर्भ स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान करेंगे और मामले का जवाब कानून के दायरे में देंगे।

यह विवाद एक सार्वजनिक सभा के दौरान दिए गए उनके संबोधन से जुड़ा बताया जा रहा है। सभा के दौरान मौजूद लोगों के एक समूह ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाए थे। इसके बाद उदयनिधि द्वारा कही गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर उस बयान के विभिन्न वीडियो क्लिप वायरल हुए, जिसके बाद इस पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।

विवाद बढ़ने के बाद अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम की महिला इकाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और अभिनेत्री तृषा को लेकर आपत्तिजनक संकेत देती है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।

मामले ने राजनीतिक सीमाओं से आगे बढ़कर मनोरंजन जगत का भी ध्यान आकर्षित किया। गायिका चिन्मयी श्रीपादा और अभिनेत्री तथा राजनेता खुशबू सुंदर ने सार्वजनिक रूप से इस कथित बयान की आलोचना की। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं को महिलाओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करना चाहिए और किसी भी प्रकार की विवादित टिप्पणी से बचना चाहिए।

हालांकि उदयनिधि स्टालिन लगातार यह दोहरा रहे हैं कि उनके बयान की गलत व्याख्या की गई है। उनका कहना है कि पूरा भाषण देखने पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि वायरल किए गए वीडियो और वास्तविक संदर्भ में अंतर है। उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय पूरे तथ्य सामने आने का इंतजार करें।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं यह विवाद तमिलनाडु की राजनीति में नया मुद्दा बन गया है, जहां सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। आने वाले दिनों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर इस मामले की आगे की दिशा तय होगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *