यूपी सरकार ने ₹59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट किया पेश, उद्योग-इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक फोकस
उद्योग और आधारभूत ढांचे पर सबसे अधिक जोर
अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए लगभग ₹20,905.88 करोड़ का पूंजीगत और ₹130.30 करोड़ का राजस्व प्रावधान किया गया है। वहीं ग्राम्य विकास विभाग को करीब ₹14,184.72 करोड़ का पूंजीगत और ₹81.03 करोड़ का राजस्व आवंटन मिला है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹7,022.27 करोड़ राजस्व मद तथा ₹400 करोड़ पूंजीगत मद में रखे गए हैं। पंचायती राज विभाग को ₹156.33 करोड़ राजस्व और ₹139.98 करोड़ पूंजीगत मद में दिए गए हैं।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती
कृषि विभाग के लिए ₹132.38 करोड़ राजस्व और ₹159 करोड़ पूंजीगत बजट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य और भूमि विकास एवं जल संसाधन विभागों के लिए भी अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आधारित गतिविधियों को गति मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर फोकस
स्वास्थ्य क्षेत्र में एलोपैथी चिकित्सा को सबसे अधिक आवंटन मिला है। इसके तहत ₹1,100 करोड़ राजस्व और ₹96 करोड़ पूंजीगत मद में दिए गए हैं। परिवार कल्याण विभाग को ₹704.25 करोड़, सार्वजनिक स्वास्थ्य को ₹60.65 करोड़ तथा आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा के लिए भी अलग बजट का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एलोपैथी चिकित्सा को सबसे अधिक आवंटन मिला है। इसके तहत ₹1,100 करोड़ राजस्व और ₹96 करोड़ पूंजीगत मद में दिए गए हैं। परिवार कल्याण विभाग को ₹704.25 करोड़, सार्वजनिक स्वास्थ्य को ₹60.65 करोड़ तथा आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा के लिए भी अलग बजट का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा और संस्कृति को ₹955 करोड़ से अधिक
शिक्षा एवं संस्कृति क्षेत्र के लिए कुल ₹955.32 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें तकनीकी शिक्षा को ₹521.14 करोड़, प्राथमिक शिक्षा को ₹351.25 करोड़, माध्यमिक शिक्षा को ₹74.50 करोड़, उच्च शिक्षा को ₹5 करोड़, व्यावसायिक शिक्षा को ₹1.98 करोड़ और संस्कृति विभाग को ₹2.43 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को गति देना है।
