August 3, 2026

नेपाल की भारत से नई अपील, सीमा पार यात्रा के लिए राष्ट्रीय पहचान पत्र को मान्यता देने का अनुरोध

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नई दिल्ली । नेपाल ने भारत सरकार से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के राष्ट्रीय पहचान पत्र (नेशनल आइडेंटिटी कार्ड) को सीमा पार यात्रा और हवाई सफर के लिए वैध यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। नेपाल का कहना है कि इस कदम से दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही अधिक सुरक्षित, आसान और आधुनिक पहचान प्रणाली के अनुरूप हो सकेगी।

नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से खुली सीमा व्यवस्था लागू है, जिसके तहत दोनों देशों के नागरिकों को सामान्य परिस्थितियों में बिना पासपोर्ट और वीजा के एक-दूसरे के देश में आने-जाने की अनुमति है। हालांकि, वर्तमान व्यवस्था में भारत मुख्य रूप से नेपाली नागरिकों के पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाण पत्र को आधिकारिक पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार करता है। अब नेपाल चाहता है कि उसके राष्ट्रीय पहचान पत्र को भी इसी श्रेणी में शामिल किया जाए।

नेपाल के आव्रजन विभाग के अनुसार, इस संबंध में जून के अंतिम सप्ताह में भारत सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव में अनुरोध किया गया है कि नेपाली नागरिकों के लिए राष्ट्रीय पहचान पत्र को सीमा पार आवागमन और हवाई यात्रा के दौरान वैध पहचान दस्तावेज के रूप में मान्यता दी जाए।

नेपाल सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय पहचान पत्र आधुनिक बायोमेट्रिक तकनीक पर आधारित है। इसमें फिंगरप्रिंट, चेहरे की पहचान और आईरिस स्कैन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षित रहती हैं। इसके कारण यह पारंपरिक नागरिकता प्रमाण पत्र की तुलना में अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय माना जाता है।

नेपाल में सरकार विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए राष्ट्रीय पहचान पत्र के उपयोग को लगातार बढ़ावा दे रही है। पासपोर्ट आवेदन, बैंक खाता खोलने, भूमि पंजीकरण और अन्य कई सरकारी कार्यों में इस पहचान पत्र को अनिवार्य बनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य धीरे-धीरे पुराने नागरिकता प्रमाण पत्रों की जगह डिजिटल रूप से सत्यापित किए जा सकने वाले पहचान पत्रों को लागू करना है।

नेपाल की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने राष्ट्रीय पहचान पत्र से जुड़े तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं के बारे में जानकारी भी प्राप्त की है। बताया गया कि यह औपचारिक वार्ता नहीं थी, बल्कि कार्ड की विशेषताओं और सुरक्षा व्यवस्था को समझने के उद्देश्य से जानकारी का आदान-प्रदान किया गया।

नेपाल के अधिकारियों का मानना है कि यदि राष्ट्रीय पहचान पत्र को भारत में भी वैध यात्रा दस्तावेज का दर्जा मिल जाता है तो दोनों देशों की सुरक्षा व्यवस्था और पहचान सत्यापन प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो जाएगी। इससे सीमा पार आवाजाही के दौरान पहचान संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

वर्तमान व्यवस्था के तहत भारत आने वाले नेपाली नागरिकों के लिए पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाण पत्र स्वीकार किए जाते हैं। वहीं नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिक पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र अथवा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी कुछ अन्य मान्य पहचान पत्रों का उपयोग कर सकते हैं।

नेपाल के राष्ट्रीय पहचान एवं नागरिक पंजीकरण विभाग के अनुसार अब तक 45 लाख से अधिक नागरिकों को राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि लगभग दो करोड़ लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। नेपाल को उम्मीद है कि भविष्य में इस डिजिटल पहचान प्रणाली को भारत की मान्यता मिलने से दोनों देशों के बीच आवागमन और अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक हो सकेगा।

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