KitKat चॉकलेट के पैकेट में छिपाकर ला रहे थे ड्रग्स, IGI एयरपोर्ट पर 2.759 किलो गांजे के साथ यात्री गिरफ्तार
कस्टम अधिकारियों के अनुसार, यह मामला 2 अगस्त का है। एयर इंडिया की फ्लाइट से फुकेट से दिल्ली पहुंचे एक यात्री को एयर इंटेलिजेंस यूनिट की प्रोफाइलिंग के आधार पर संदिग्ध श्रेणी में रखा गया था। यात्री जब ग्रीन चैनल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी अधिकारियों ने उसे रोककर उसके सामान की जांच शुरू की।
जांच के दौरान बैग की हाई रिजॉल्यूशन एक्स-रे स्कैनिंग की गई। तलाशी लेने पर KitKat चॉकलेट के पैकेटों के अंदर चार वैक्यूम सील पैकेट मिले। इन पैकेटों में हाइड्रोपोनिक गांजा छिपाकर रखा गया था। अधिकारियों ने सभी पैकेटों को जब्त कर लिया और यात्री को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर सुरक्षा जांच को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले भी दिल्ली एयरपोर्ट पर मादक पदार्थों को गीजर, मिक्सर, ट्रॉली बैग के अंदर छिपाकर लाने के मामले सामने आ चुके हैं। अब चॉकलेट के पैकेटों का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जाना जांच एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती के रूप में सामने आया है।
कस्टम विभाग अब संदिग्ध यात्रियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। एयरपोर्ट पर यात्री प्रोफाइलिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जोखिम विश्लेषण, एक्स-रे स्कैनिंग और खुफिया जानकारी के आधार पर जांच प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। इसी वजह से कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें तस्करों ने छिपाने के बेहद अलग तरीके अपनाए थे।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ समय में दिल्ली एयरपोर्ट पर हाइड्रोपोनिक गांजे की कई बड़ी खेप पकड़ी गई हैं। जून महीने में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए, जबकि जुलाई से अगस्त के शुरुआती दिनों तक भी लगातार कार्रवाई जारी रही। इन अभियानों में कई यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए हैं।
कस्टम अधिकारियों की नजर खासतौर पर बैंकॉक, फुकेट और कुआलालंपुर जैसे अंतरराष्ट्रीय रूटों से आने वाली उड़ानों पर है। इन मार्गों को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क भारत में मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए इनका इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं।
इससे पहले भी एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई में गीजर के अंदर छिपाकर लाई गई हाइड्रोपोनिक गांजे की खेप पकड़ी गई थी। वहीं बैंकॉक से आने वाले यात्रियों के पास से भी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि तस्कर तरीके बदल रहे हैं, लेकिन जांच एजेंसियां भी आधुनिक तकनीक और सतर्कता के जरिए उनकी योजनाओं को नाकाम करने में जुटी हैं।
