July 28, 2026

लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पर गरजे गौरव गोगोई, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से मांगा जवाब

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नई दिल्ली । लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक मामलों और हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल कानून में संशोधन करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था की मूल समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने गृह मंत्री से सदन में उपस्थित होकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के संबंध में जवाब देने की मांग की।

विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए गौरव गोगोई ने दावा किया कि वर्ष 2024 में लागू किया गया कानून अपने उद्देश्य को पूरा करने में सफल नहीं रहा। उनका कहना था कि उस समय सरकार ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया था और पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने का दावा किया था, लेकिन बाद में सामने आए मामलों ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नया संशोधन विधेयक भी उसी दिशा में एक औपचारिक कदम बनकर रह जाएगा और इससे मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए केवल दंडात्मक प्रावधानों को कड़ा करना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, यदि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो कानून में बदलाव का अपेक्षित प्रभाव दिखाई नहीं देगा। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।

गोगोई ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) से जुड़े पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था और अनेक आरोपियों को जमानत भी मिल चुकी है। उन्होंने इसे उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि संस्था में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई और उसके शीर्ष अधिकारियों में बदलाव किए गए, तो अन्य जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से एनटीए से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।

चर्चा के दौरान गौरव गोगोई ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अपने भविष्य और परीक्षा प्रणाली को लेकर चिंता व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरे थे। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद ने हालिया प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री को सदन में आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के निर्णय किस स्तर पर लिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर सरकार को विस्तृत जानकारी संसद के समक्ष रखनी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम पर पारदर्शिता बनी रहे।

इसके अलावा गोगोई ने असम में बाढ़ की स्थिति का भी उल्लेख किया और प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष सहायता पैकेज की मांग की। उनका कहना था कि शिक्षा, युवाओं और प्राकृतिक आपदाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने चाहिए। अब परीक्षा संशोधन विधेयक पर आगे की संसदीय चर्चा और सरकार की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर राजनीतिक दलों और छात्रों की निगाहें टिकी हुई हैं।

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