सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर
जिला भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 19 जुलाई तक जिले में औसतन 14 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले कम है। पिछले साल 19 जुलाई तक जिले में 17.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बावजूद हाल के दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ने से मौसम सुहावना हुआ है और किसानों के चेहरों पर उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है।
ब्लॉकवार वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो आष्टा जिले का सबसे अधिक बारिश वाला क्षेत्र बनकर सामने आया है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके बाद जावर में 16.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर श्यामापुर क्षेत्र सबसे पीछे रहा, जहां केवल 7.7 इंच वर्षा हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के इस अंतर के कारण खेती और जल उपलब्धता पर भी अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले मैदानों से दूर रहने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
आगामी बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त वर्षा होने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को आवश्यक नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होगी। साथ ही जिले के बांधों, तालाबों और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ेगा, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संभावित भारी बारिश को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
