July 18, 2026

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद जंतर-मंतर पर नया विवाद, अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने से बढ़ा राजनीतिक तनाव

0
22-1784370832
नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं के बीच पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर नया घटनाक्रम सामने आया, जब कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वांगचुक के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की और इसी दौरान एक महिला ने उन पर स्याही फेंक दी। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह पुलिस की एक टीम सिविल ड्रेस में जंतर-मंतर पहुंची। चिकित्सकीय सलाह और बिगड़ती सेहत को देखते हुए सोनम वांगचुक को एंबुलेंस के माध्यम से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान वहां मौजूद समर्थकों और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर कुछ देर तक बहस और नारेबाजी भी हुई, हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की हालत पर डॉक्टर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच में उनके शरीर में डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और कीटोन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक भोजन नहीं लेने की स्थिति में शरीर में कीटोन बढ़ना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि इसके साथ गंभीर डिहाइड्रेशन भी हो तो किडनी और शरीर की चयापचय प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण चिकित्सकों ने तत्काल उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया है।

अस्पताल प्रशासन ने वांगचुक के परिजनों से भी उपचार शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप से संभावित जटिलताओं को रोका जा सकता है। अस्पताल में उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक परीक्षण किए जा रहे हैं।

इस बीच जंतर-मंतर पर वांगचुक के समर्थन में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भूख हड़ताल पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान एक महिला अचानक उनके पास पहुंची और उन पर स्याही फेंक दी। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति संभाली। इस घटनाक्रम का वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जाने लगा।

घटना के बाद अभिजीत दीपके ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर स्याही से रंगे कपड़ों की तस्वीर और वीडियो साझा करते हुए लिखा, “नीला मेरा रंग है… जय भीम।” उनके इस संदेश पर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। समर्थकों ने घटना की आलोचना की, जबकि अन्य लोगों ने पूरे घटनाक्रम पर अलग-अलग राजनीतिक टिप्पणियां कीं।

पूरे घटनाक्रम ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन स्थल पर हुई स्याही फेंकने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और विरोध प्रदर्शन के स्वरूप को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी जारी है और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *