सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- 'उन्हें जिन्ना पसंद, हमें गन्ना'; विकास परियोजनाओं की दी सौगात
‘समाज को बांटने वालों से रहें सतर्क’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक दल जाति और वर्ग के आधार पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे तत्वों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज को जोड़ना, सामाजिक समरसता को मजबूत करना और सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
बिजनौर-चांदपुर के लिए करीब 1000 करोड़ की परियोजनाएं
सीएम योगी ने कहा कि महात्मा विदुर की धरती बिजनौर लगातार विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि बिजनौर और चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है।
विस्थापित परिवारों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने पिछले दौरे को याद करते हुए कहा कि पड़ापुर क्षेत्र में पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए करीब 3000 विस्थापित लोगों को जमीन के पट्टे दिए गए थे। उन्होंने कहा कि वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों को सरकार ने अधिकार दिलाने का काम किया है।
2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बिजनौर में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और अपराधियों व माफिया का प्रभाव था। उन्होंने दावा किया कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अब जिले में कानून का राज स्थापित हुआ है और विकास कार्यों को गति मिली है।
इसी दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “कुछ लोग ऐसा बिजनौर चाहते थे, जहां गुंडों और माफियाओं का कब्जा हो। वे समाज को बांटने की राजनीति करते हैं। उन्हें जिन्ना पसंद है, लेकिन हमें गन्ना पसंद है। हमारी सरकार की प्राथमिकता गन्ना किसानों का हित और गन्ने का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करना है।”
गंगा एक्सप्रेसवे हरिद्वार तक बढ़ाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार हरिद्वार तक किया जाएगा, जिससे बिजनौर सहित आसपास के क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा।
बिजनौर में बनेगा नर्सिंग कॉलेज
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के बाद अब बिजनौर में नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है। इससे जिले की बेटियों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
