पूर्वी यूरोप से रिश्तों को नई मजबूती देने निकलेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, तीन देशों के ऐतिहासिक दौरे में व्यापार, निवेश और सहयोग पर रहेगा विशेष जोर
राष्ट्रपति अपने दौरे की शुरुआत 20 जुलाई को मोल्दोवा से करेंगी। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जिससे दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी। इसके अलावा वह वहां की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से मुलाकात करेंगी और भारत-मोल्दोवा संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी संवाद करेंगी। राष्ट्रपति बिजनेस फोरम को संबोधित करने के साथ भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगी।
भारत और मोल्दोवा के बीच कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं, औषधि उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार का मानना है कि यह यात्रा इन क्षेत्रों में नए समझौतों और व्यावहारिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश संबंधों को भी नई मजबूती मिलने की संभावना है।
इसके बाद राष्ट्रपति 21 और 22 जुलाई को उत्तरी मैसेडोनिया की यात्रा करेंगी। यह भी किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला आधिकारिक दौरा होगा। इस दौरान वह राष्ट्रपति गोरडाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की तथा वहां की संसद के शीर्ष नेतृत्व से भी उनकी मुलाकात निर्धारित है। राष्ट्रपति उत्तरी मैसेडोनिया की संसद को संबोधित करेंगी और भारत-उत्तरी मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगी।
दोनों देशों के बीच कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी तथा आईटी आधारित सेवाओं में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों पक्ष आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए भी आपसी सहयोग मजबूत करने पर विचार करेंगे।
दौरे के अंतिम चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया की यात्रा करेंगी। तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति का यह पहला आधिकारिक दौरा होगा। इस दौरान वह रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन, अंतरिम प्रधानमंत्री इली बोलोजान, सीनेट के अध्यक्ष, चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष और भारत-रोमानिया संसदीय मैत्री समूह के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी। राष्ट्रपति भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित करने के साथ वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगी।
रोमानिया को यूरोपीय संघ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से भविष्य में आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। राष्ट्रपति का यह तीन देशों का राजकीय दौरा भारत की सक्रिय कूटनीति, पूर्वी यूरोप के साथ गहरे होते संबंधों और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
