एमपी बनेगा देश का अगला टेक हब, 40 हजार करोड़ के निवेश से 35 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश भी अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा बल्कि यहां ड्रोन, रक्षा उपकरण और मिसाइल जैसे अत्याधुनिक उत्पादों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य भविष्य की तकनीकों को अपनाते हुए नई औद्योगिक क्रांति की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कॉन्क्लेव के दौरान 51 विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा जिनका उद्देश्य निवेशकों को प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण प्रस्तुत करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष उनकी बार्सिलोना यात्रा के बाद स्पेन, अमेरिका और कनाडा की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में 228 करोड़ रुपए का निवेश किया। इसी यात्रा के दौरान एक गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए समझौता हुआ था और अब संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि भोपाल पहुंच चुके हैं जिससे परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
राज्य सरकार ने आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की भी बड़ी घोषणा की। इंदौर के सुपर कॉरिडोर में आधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा जहां प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध होगी ताकि कंपनियां बिना अतिरिक्त निर्माण के तुरंत संचालन शुरू कर सकें। इसी तरह भोपाल आईटी पार्क का लगभग चार लाख वर्गफुट तक विस्तार किया जाएगा जबकि कोलार रोड पर पांच एकड़ भूमि में नया अत्याधुनिक आईटी पार्क बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं से प्रदेश के युवाओं के लिए आईटी, इंजीनियरिंग और डिजिटल क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि तकनीकी निवेश केवल उद्योगों को नहीं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, शिक्षा और रोजगार व्यवस्था को भी नई दिशा देगा।
कॉन्क्लेव में देश और विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हुई हैं जिनमें CtrlS Datacenters, Kaynes Technologies, Fujiyama Power और Nyobolt Limited प्रमुख हैं। इसके अलावा आईआईएम इंदौर और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान भी भाग ले रहे हैं जो कौशल विकास, अनुसंधान और नवाचार को नई गति देंगे। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण एमओयू और रणनीतिक साझेदारियों पर भी सहमति बनने की उम्मीद है जो राज्य के डिजिटल ढांचे को मजबूत करेंगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का तीसरा संस्करण निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास के मामले में नया रिकॉर्ड बनाएगा। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के रूप में उभरने की पूरी क्षमता रखता है और सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है।
