ट्रॉसार्ड का डबल अटैक, डी ब्रूने का जलवा: बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को 5-1 से हराकर कटाया नॉकआउट टिकट
इस बड़ी जीत के साथ बेल्जियम ने ग्रुप जी में पांच अंक हासिल किए। मिस्र के भी पांच अंक रहे, लेकिन बेहतर गोल अंतर के आधार पर बेल्जियम ग्रुप विजेता बना। वहीं मिस्र ने दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाई। ईरान तीन अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा और उसकी उम्मीदें अन्य नतीजों पर टिकी हैं, जबकि न्यूजीलैंड सिर्फ एक अंक के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
मैच की शुरुआत से ही बेल्जियम ने आक्रामक रुख अपनाया और गेंद पर लगातार नियंत्रण बनाए रखा। 11वें मिनट में ट्रॉसार्ड गोल करने के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया। कुछ देर बाद बेल्जियम को पेनल्टी भी मिली, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद रेफरी ने फैसला बदल दिया और पेनल्टी रद्द कर दी। इसके बावजूद बेल्जियम का दबाव कम नहीं हुआ।
आखिरकार 28वें मिनट में केविन डी ब्रूने के शानदार क्रॉस पर लिएंड्रो ट्रॉसार्ड ने बेहतरीन फिनिश करते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों की यह जोड़ी फिर चमकी। 49वें मिनट में डी ब्रूने के सटीक पास पर ट्रॉसार्ड ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।
इसके बाद बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। गोलकीपर थिबो कोर्टोइस ने विपक्ष के कुछ अच्छे प्रयासों को शानदार बचाव से नाकाम किया। 66वें मिनट में केविन डी ब्रूने ने खुद गोल दागकर बढ़त 3-0 कर दी। इस गोल के साथ 34 वर्षीय डी ब्रूने फीफा वर्ल्ड कप में बेल्जियम के लिए गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए।
मैच के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड ने 84वें मिनट में एलिजा जस्ट के गोल से सम्मान बचाने की कोशिश की, लेकिन बेल्जियम ने तुरंत जवाब दिया। अगले ही मिनट रोमेलु लुकाकू ने शानदार हेडर के जरिए चौथा गोल कर मुकाबला पूरी तरह अपने नाम कर लिया। स्टॉपेज टाइम में एलेक्सिस सालेमेकर्स ने पांचवां गोल दागकर बेल्जियम की 5-1 की धमाकेदार जीत पर मुहर लगा दी।
इस शानदार प्रदर्शन के साथ बेल्जियम ने न केवल नॉकआउट चरण में जगह बनाई बल्कि खिताब की मजबूत दावेदारी भी पेश कर दी। टीम का संतुलित आक्रमण, मजबूत मिडफील्ड और अनुभवी खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों में विरोधी टीमों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
