चढ़ावा गबन मामले पर गरमाई सियासत, पवन पांडेय बोले- 'बुलडोजर नहीं चला, न्याय में भी दो आंख'
पवन पांडेय ने कहा कि इतिहास में महमूद गजनवी पर कई बार मंदिरों को लूटने के आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन उनके अनुसार राम मंदिर चढ़ावा मामले में जिस तरह की कथित घटनाएं सामने आई हैं, वे उससे भी अधिक गंभीर हैं। उन्होंने कहा, “40 दिनों में 70 बार लूटा, इन्होंने तो लूटने में गजनवी को भी पीछे छोड़ दिया।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जिन लोगों पर राम मंदिर की व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं के चढ़ावे की जिम्मेदारी थी, वही लोग कथित तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहे। उनके अनुसार यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ विश्वासघात है।
पूर्व मंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपराधों पर सख्त कार्रवाई का दावा करती है, लेकिन इस मामले में वैसी कठोर कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उन्होंने कहा कि यदि यह इतना बड़ा मामला है तो निष्पक्ष और तेज जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पवन पांडेय ने कहा कि भगवान श्रीराम का मंदिर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और करोड़ों लोगों की आस्था के आधार पर बना है। ऐसे में यदि मंदिर के चढ़ावे से जुड़े किसी भी प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना बेहद आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर पहले भी विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से जांच की मांग उठाई जा चुकी है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई कर रही हैं। हालांकि आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
