June 25, 2026

ट्रंप ने जताई नाराजगी, बोले- अमेरिका को पैसों से ज्यादा वफादारी की जरूरत

0
25-jun-25-1782389847

वॉशिंगटन। नाटो शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों को लेकर बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ हुई मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बढ़े तनाव और संघर्ष के दौरान कई नाटो सहयोगी देशों ने अमेरिका को निराश किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका को किसी सैन्य सहायता की जरूरत नहीं थी लेकिन सहयोगी देशों से जिस तरह के समर्थन और एकजुटता की उम्मीद थी वह देखने को नहीं मिली।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति और ताकत के दम पर हालात को नियंत्रित किया और किसी बाहरी मदद की आवश्यकता नहीं पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने माना कि अगर सहयोगी देश खुलकर समर्थन जताते तो यह अमेरिका के लिए सकारात्मक संदेश होता। उन्होंने इटली ब्रिटेन जर्मनी और फ्रांस जैसे प्रमुख सहयोगी देशों का नाम लेते हुए कहा कि उनके रवैये से वे खासे निराश हुए हैं।

नाटो महासचिव मार्क रूटे ने हालांकि यूरोपीय देशों का बचाव करते हुए कहा कि कई देशों ने अमेरिका को महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक और रणनीतिक सहयोग प्रदान किया। रूटे ने बताया कि संघर्ष के दौरान यूरोप स्थित सैन्य अड्डों से हजारों अमेरिकी विमानों ने उड़ान भरी और अमेरिका को आवश्यक सैन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय सहयोग के बिना ऐसे बड़े अभियान को अंजाम देना आसान नहीं होता।

बैठक के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर नाटो सदस्य देशों पर रक्षा बजट बढ़ाने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि कई देशों ने अपनी जीडीपी का पांच प्रतिशत रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र पर खर्च करने का वादा किया था लेकिन अधिकांश देश अब तक इस लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाए हैं। ट्रंप का कहना था कि अमेरिका लंबे समय से नाटो का सबसे बड़ा वित्तीय और सैन्य योगदानकर्ता रहा है जबकि अन्य देशों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

हालांकि ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की पहली अपेक्षा आर्थिक सहयोग नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है और उसे किसी के पैसों की जरूरत नहीं है। अमेरिका को अपने सहयोगियों से केवल वफादारी और भरोसेमंद साझेदारी चाहिए।

ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति देखने को मिल रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान कुछ बड़ी रियायतें देने को तैयार है। हालांकि ट्रंप ने साफ कर दिया कि किसी भी स्थिति में ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन को लेकर भी ट्रंप ने सकारात्मक टिप्पणी की और उन्हें अपना मित्र बताया। वहीं एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम में तुर्किए की संभावित वापसी को लेकर अमेरिकी प्रशासन कानूनी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है।

यूक्रेन संकट पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की सराहना की और उन्हें साहसी नेता बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद जेलेंस्की मजबूती से डटे हुए हैं।

अब 7 और 8 जुलाई को होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं जहां रक्षा खर्च बढ़ाने यूक्रेन को समर्थन जारी रखने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *