सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज
सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में जब पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी और वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब ठीक 37 साल बाद 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इस चमत्कार को दोहराने के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। अगर वह मैदान पर उतरते हैं, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले इतिहास के सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। हालांकि सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में यह गौरव ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के नाम है। सुंदर ने साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 18 साल और 80 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। ऐसे में यदि वैभव सूर्यवंशी आगामी सीरीज में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं, तो वह वॉशिंगटन सुंदर के इस 9 साल पुराने रिकॉर्ड को भी बेहद आसानी से पीछे छोड़ देंगे।
वैभव सूर्यवंशी की इस दावेदारी को उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन से सबसे ज्यादा मजबूती मिली है। उन्होंने इस सीजन के 16 मुकाबलों में लगभग 48.50 की बेहतरीन औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन कूटे हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 103 रन रहा है। इतना ही नहीं, अपनी आक्रामक शैली का मुजाहिरा पेश करते हुए उन्होंने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ 72 छक्के भी जड़े हैं। उनके इसी गैरमामूली टैलेंट को देखते हुए उन्हें पहले ही इंडिया ए टीम में शामिल किया जा चुका है, जहां वह श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इंडिया ए की इस टीम में वह कप्तान तिलक वर्मा के नेतृत्व में खेलेंगे, जबकि सीनियर खिलाड़ी ऋतुराज गायकवाड़ भी मार्गदर्शन के लिए टीम में मौजूद रहेंगे। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की यह टाइमिंग और खेल की समझ उन्हें लंबी रेस का घोड़ा बनाती है। उपकप्तान रियान पराग के चोटिल होने के बाद वैभव के लिए मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे और तेजी से खुल गए हैं और अब खेल प्रेमियों की नजरें चयनकर्ताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
