महंगी हुई रसोई की आग: भोपाल में ₹3116 और ग्वालियर में ₹3338 पहुंचा कमर्शियल LPG सिलेंडर
नई दरों के अनुसार राजधानी भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 3116.50 रुपये पहुंच गई है। वहीं इंदौर में यह 3222.50 रुपये, जबलपुर में 3290 रुपये, उज्जैन में 3250 रुपये और ग्वालियर में 3338.50 रुपये में उपलब्ध होगा। प्रदेश के कई शहरों में सिलेंडर की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि बीते तीन महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगभग 1300 रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हर महीने हो रही बढ़ोतरी ने होटल उद्योग, रेस्टोरेंट व्यवसाय और कैटरिंग सेक्टर की लागत को काफी बढ़ा दिया है। इसका असर अब ग्राहकों को मिलने वाले खाने-पीने के सामान की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है।
भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर पहले की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत तक महंगा हो चुका है। उन्होंने बताया कि बढ़ती गैस कीमतों के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भोजन की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ी है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में खाद्य पदार्थ और अधिक महंगे हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश टेंट कैटर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का भी कहना है कि गैस कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर शादी और सामाजिक आयोजनों के बजट पर पड़ रहा है। एक अनुमान के अनुसार 500 लोगों के लिए तैयार किए जाने वाले लगभग पांच लाख रुपये के भोजन बजट में अब 45 से 50 हजार रुपये तक की अतिरिक्त लागत जुड़ चुकी है। ऐसे में आयोजकों और ग्राहकों दोनों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मध्य प्रदेश प्रमुख अभिषेक बहेती का कहना है कि पिछले तीन महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में चार बार वृद्धि हो चुकी है। इससे रेस्टोरेंट उद्योग की संचालन लागत लगातार बढ़ रही है और व्यवसायियों के लिए पुराने रेट पर सेवाएं देना मुश्किल होता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई तक प्रदेश में 20 हजार से अधिक शादियां और बड़े आयोजन प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में गैस कीमतों में लगातार वृद्धि कैटरिंग, होटल और बैंक्वेट कारोबार के लिए चुनौती बन सकती है। बढ़ती लागत का असर अंततः ग्राहकों तक पहुंचेगा और आयोजनों का बजट पहले की तुलना में अधिक महंगा हो सकता है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में यह नई बढ़ोतरी ऐसे समय आई है जब महंगाई पहले से ही आम लोगों की चिंता का कारण बनी हुई है। आने वाले महीनों में यदि कीमतों में राहत नहीं मिली तो खानपान और आयोजन उद्योग पर इसका प्रभाव और गहरा हो सकता है।
