June 2, 2026

बढ़ते स्क्रीन टाइम के दौर में आंखों की सुरक्षा का आधार बना विटामिन-ए, विशेषज्ञों ने दी संतुलित आहार की सलाह

0
45-1780228028
नई दिल्ली । आधुनिक जीवनशैली में तेजी से बढ़ते स्क्रीन टाइम और अनियमित खान-पान का असर अब लोगों की आंखों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप और टेलीविजन के सामने लंबे समय तक समय बिताने के कारण आंखों में थकान, सूखापन, जलन, धुंधला दिखाई देना और दृष्टि कमजोर होने जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आंखों की बेहतर देखभाल केवल बाहरी उपायों से नहीं बल्कि संतुलित और पौष्टिक आहार से भी संभव है। विशेष रूप से विटामिन-ए को आंखों की सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में शामिल किया जाता है, जो दृष्टि को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन-ए आंखों की रेटिना के सामान्य कार्य में मदद करता है और कम रोशनी या रात के समय देखने की क्षमता को बेहतर बनाए रखने में योगदान देता है। इसके अलावा यह आंखों को संक्रमण और अन्य कई समस्याओं से बचाने में भी सहायक माना जाता है। शरीर में विटामिन-ए की कमी होने पर दृष्टि संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं, इसलिए नियमित रूप से इस पोषक तत्व से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन आवश्यक माना जाता है।

आहार विशेषज्ञों का कहना है कि गाजर विटामिन-ए का सबसे लोकप्रिय और प्रभावी स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में जाकर विटामिन-ए में परिवर्तित होता है, जो आंखों की कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद करता है। नियमित रूप से गाजर का सेवन करने से आंखों को आवश्यक पोषण मिलता है और दृष्टि संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है।

हरी पत्तेदार सब्जियां भी आंखों की सेहत के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती हैं। पालक, मेथी, सरसों और अन्य हरी सब्जियों में विटामिन-ए के साथ कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आंखों के साथ-साथ पूरे शरीर को पोषण प्रदान करते हैं। इनका नियमित सेवन आंखों को स्वस्थ रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मददगार माना जाता है।

मौसमी फलों में आम भी विटामिन-ए का अच्छा स्रोत है। गर्मियों के मौसम में इसका संतुलित सेवन शरीर को ऊर्जा देने के साथ आंखों के लिए आवश्यक पोषण भी प्रदान करता है। इसके अलावा दूध और दूध से बने उत्पाद जैसे दही, पनीर और छाछ में भी विटामिन-ए पाया जाता है, जो आंखों की देखभाल में उपयोगी माना जाता है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि केवल पोषण पर ध्यान देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आंखों को आराम देना भी जरूरी है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने के दौरान नियमित अंतराल पर आंखों को विश्राम देना चाहिए। 20-20-20 नियम अपनाना लाभदायक माना जाता है, जिसके तहत हर 20 मिनट बाद लगभग 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखने की सलाह दी जाती है। यह आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों को अपने दैनिक भोजन में विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। सही पोषण, संतुलित जीवनशैली और आंखों की नियमित देखभाल के माध्यम से लंबे समय तक बेहतर दृष्टि और स्वस्थ आंखों को बनाए रखा जा सकता है। छोटी-छोटी सावधानियां भविष्य में बड़ी समस्याओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *