‘अकेली पड़ गई थी मैं…’ शादी और रिश्ते पर पूजा भट्ट की बेबाक बात
पूजा भट्ट ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने अपने पति मनीष माखिजा से अलग होने का फैसला लिया था, तब कई लोगों ने उनसे पूछा था कि क्या उनकी जिंदगी में कोई और आ गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं था। उनके मुताबिक वे किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में सोच भी नहीं रही थीं। समस्या कहीं और थी। वे उस रिश्ते में रहते हुए भी खुद को बेहद अकेला महसूस करने लगी थीं।
पूजा ने बताया कि उनकी और मनीष की शादी दोस्ती और भरोसे की मजबूत नींव पर खड़ी हुई थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘पाप’ के दौरान हुई थी और साल 2003 में उन्होंने गोवा में शादी कर ली थी। शुरुआती वर्षों में रिश्ता काफी अच्छा रहा, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ने लगी। पूजा के अनुसार जब किसी रिश्ते में साथ रहने के बावजूद अकेलेपन का एहसास होने लगे तो वह रिश्ता धीरे-धीरे अपना अर्थ खोने लगता है।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि वे खुद को ही खोती जा रही हैं। उन्होंने अपने पति से साफ कहा था कि उनका रिश्ता विश्वास और दोस्ती से शुरू हुआ था और उन्होंने कभी उन पर शक नहीं किया। लेकिन अब उन्हें लगने लगा था कि यह रिश्ता अपनी मंजिल तक पहुंच चुका है। पूजा का कहना है कि वे अपनी पहचान और आत्मविश्वास को फिर से पाना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला किया।
इंटरव्यू में पूजा भट्ट ने मां बनने के मुद्दे पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि उन्हें बच्चे बहुत पसंद हैं, लेकिन उनके भीतर कभी मां बनने की तीव्र इच्छा पैदा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उस दौर में उनका पूरा ध्यान अपने करियर, सपनों और व्यक्तिगत लक्ष्यों पर था। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने मन और शरीर की आवाज सुनकर जीवन के महत्वपूर्ण फैसले लेने चाहिए और समाज के दबाव में आकर निर्णय नहीं करना चाहिए।
तलाक के बाद भी कुछ समय तक पूजा और मनीष के बीच दोस्ताना संबंध बने रहे थे। दोनों बातचीत करते थे और एक-दूसरे के प्रति सम्मान भी कायम था। हालांकि समय के साथ संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया। इसके बावजूद पूजा के मन में अपने पूर्व पति को लेकर कोई नाराजगी या कड़वाहट नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुकी हैं और आज अपने साथ सबसे मजबूत रिश्ता महसूस करती हैं।
पूजा भट्ट का यह खुलासा केवल उनकी निजी जिंदगी की कहानी नहीं है बल्कि उन रिश्तों की हकीकत भी बयां करता है जिनमें कई बार बाहरी तौर पर सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन भीतर भावनात्मक दूरी धीरे-धीरे रिश्ते को खत्म कर देती है।
