May 30, 2026

सतना में खाद बिक्री में गड़बड़ी का आरोप, किसान से ज्यादा वसूले पैसे

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सतना । सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में यूरिया खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। रिमार गांव स्थित मां वैष्णों एसोसिएट खाद केंद्र पर किसानों से निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने के आरोप लगे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार किसान शिवाकांत शुक्ला ने खाद वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए वीडियो साझा किया है। शिवाकांत का कहना है कि उन्होंने अपने नाम से 20 बोरी और सुनीता शुक्ला के नाम से 4 बोरी यूरिया खाद के लिए स्लॉट बुक कराया था। जब वह खाद लेने दुकान पहुंचे तो पहले उनसे ओटीपी लिया गया और बाद में प्रति बोरी 310 रुपए की मांग की गई।

किसान का आरोप है कि यूरिया खाद की सरकारी निर्धारित कीमत 266 रुपए प्रति बोरी है, लेकिन दुकान संचालक अधिक राशि वसूल रहा था। जब उन्होंने अतिरिक्त पैसे देने से इनकार किया, तो विवाद बढ़ गया। शिवाकांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि उन्होंने जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया तो दुकान संचालक नाराज हो गया और कथित तौर पर मारपीट की कोशिश करते हुए दबाव बनाने लगा।

घटना के बाद किसान ने अनुविभागीय अधिकारी यानी एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में खाद केंद्र संचालक पर ओवररेटिंग और किसानों को परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।

इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के अन्य किसानों में भी नाराजगी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि खेती के सीजन में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही कई दुकानों पर ओवररेटिंग और कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागीय अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे किसानों को मजबूरी में महंगे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद की बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाए और सरकारी दर से ज्यादा कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और किसान प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित खाद केंद्र संचालक पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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