सीएम बनने से पहले डीके शिवकुमार को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी विदेश यात्रा की मंजूरी
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केएन शिवकुमार ने डीके शिवकुमार की उस याचिका को मंजूरी दी, जिसमें उन्होंने आधिकारिक और व्यावसायिक कार्यों के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। यह अनुमति उनकी जमानत शर्तों में संशोधन के तहत दी गई है।
किन देशों की यात्रा कर सकेंगे
अदालत ने डीके शिवकुमार को अगले दो वर्षों के दौरान कई देशों की यात्रा की अनुमति दी है, जिनमें शामिल हैं-
अमेरिका
यूरोपीय देश
यूनाइटेड किंगडम
ऑस्ट्रेलिया
रूस
अरब देश
कोर्ट की सख्त शर्तें लागू
अदालत ने स्पष्ट किया है कि हर विदेश यात्रा से पहले डीके शिवकुमार को अपने यात्रा कार्यक्रम की पूरी जानकारी जांच एजेंसी को देनी होगी। इसके अलावा उन्हें अदालत के समक्ष आवश्यकतानुसार पेश होना होगा।
कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो जांच एजेंसी या अभियोजन पक्ष विदेश यात्रा की अनुमति रद्द कराने के लिए अदालत में आवेदन कर सकता है। 15 मई के आदेश में अदालत ने यह भी कहा था कि किसी भी तरह की चूक होने पर जांच एजेंसी आवश्यक कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगी।
क्या है पूरा मामला
यह मामला 2017 में आयकर विभाग की छापेमारी से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि बेंगलुरु-मैसूरु हाईवे स्थित ईगलटन गोल्फ रिजॉर्ट सहित कई स्थानों पर तलाशी के दौरान सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की गई थी। इस दौरान लगभग 8.83 करोड़ रुपये नकद बरामद होने का दावा भी किया गया था।
इस मामले में डीके शिवकुमार के साथ अन्य लोग भी आरोपी हैं और उनके खिलाफ आयकर अधिनियम तथा आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। हालांकि डीके शिवकुमार लगातार इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।
अदालत ने क्यों दी अनुमति
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि डीके शिवकुमार को अपने विभागीय कार्यों और कारोबारी गतिविधियों के विस्तार के लिए विदेश यात्रा की आवश्यकता पड़ सकती है। उनके द्वारा दिए गए कारण प्रथम दृष्टया उचित प्रतीत होते हैं।
कोर्ट ने यह भी माना कि इसी मामले में एक अन्य आरोपी को पहले विदेश यात्रा की अनुमति दी जा चुकी है, इसलिए समान आधार पर उन्हें भी राहत दी गई है। साथ ही अदालत ने यह भी नोट किया कि कुछ सह-आरोपियों के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है, ऐसे में फिलहाल ट्रायल के लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य नहीं मानी गई है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में
यह राहत ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन और मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने हाल ही में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है, जिससे राज्य में सत्ता संतुलन को लेकर नई राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है।
