बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इबोला का अलर्ट, युगांडा से लौटी महिला में संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर
जानकारी के अनुसार महिला हाल ही में अफ्रीकी क्षेत्र से यात्रा करके बेंगलुरु पहुंची थी। एयरपोर्ट पर नियमित स्क्रीनिंग के दौरान उसके स्वास्थ्य को लेकर संदेह पैदा हुआ। प्रारंभिक जांच में शरीर दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने के बाद मेडिकल टीम ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उसे तुरंत निगरानी में ले लिया। बाद में महिला को शहर के निर्धारित महामारी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां विशेष आइसोलेशन वार्ड में उसका इलाज और निगरानी की जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने महिला के सैंपल एकत्र कर उन्हें पुणे स्थित राष्ट्रीय स्तर की वायरोलॉजी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने तक महिला को पूर्ण चिकित्सा निगरानी में रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों के अनुसार दोबारा परीक्षण भी कराया जाएगा ताकि किसी प्रकार की आशंका को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
बताया जा रहा है कि बेंगलुरु पहुंचने के बाद महिला एक होटल में रुकी थी। वहीं उसे शरीर में असहजता और दर्द महसूस हुआ, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली। सूचना मिलते ही मेडिकल टीम सक्रिय हुई और महिला को होटल से सीधे अस्पताल पहुंचाया गया। इसके साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर एहतियाती निगरानी की जा सके।
इबोला वायरस को विश्व के सबसे गंभीर और घातक संक्रमणों में गिना जाता है। हाल के महीनों में अफ्रीकी देशों में इसके मामलों में वृद्धि देखी गई है। इसी स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों ने पहले ही कई देशों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। कर्नाटक सरकार ने भी प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर रखी है। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग बढ़ाई गई है और विदेश से लौटने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी निर्देश दिए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने संभावित संक्रमण से निपटने के लिए विशेष अस्पतालों और क्वारंटाइन केंद्रों की व्यवस्था पहले से तैयार कर रखी है। बेंगलुरु सहित तटीय क्षेत्रों में भी अलग आइसोलेशन सुविधाएं बनाई गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार सतर्कता, समय पर जांच और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का पालन ही ऐसे मामलों में सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
