क्या ज्यादा आम खाने से चेहरे पर निकलते हैं पिंपल्स? गर्मियों की सबसे चर्चित बहस पर डॉक्टरों ने बताई त्वचा की असली कहानी
विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा पर मुंहासे निकलने के पीछे कई शारीरिक और जीवनशैली से जुड़े कारण जिम्मेदार होते हैं। हार्मोनल बदलाव, ऑयली स्किन, तनाव, अनियमित दिनचर्या, कम नींद, गलत खानपान और पर्याप्त पानी की कमी जैसे कई कारण त्वचा की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा आनुवंशिक कारण भी त्वचा पर असर डालते हैं। ऐसे में केवल आम को दोष देना एक अधूरी समझ मानी जा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आम अपने आप में पोषण से भरपूर फल है। इसमें शरीर और त्वचा के लिए जरूरी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में सीमित मात्रा में आम का सेवन नुकसान की बजाय लाभ देने वाला माना जाता है।
हालांकि समस्या तब बढ़ सकती है जब लोग आम को अत्यधिक मात्रा में खाना शुरू कर देते हैं या उसे असंतुलित खानपान के साथ शामिल करते हैं। गर्मियों में कई लोग आम के साथ अत्यधिक मीठे, क्रीमी या तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन भी करते हैं। ऐसे खाद्य संयोजन शरीर में सूजन से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं, जिसका प्रभाव त्वचा पर दिखाई दे सकता है। यही वजह है कि कई बार लोग वास्तविक कारणों को नजरअंदाज कर आम को जिम्मेदार मान लेते हैं।
गर्मी के मौसम में त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने के पीछे मौसम भी बड़ी भूमिका निभाता है। अधिक पसीना आना, त्वचा पर धूल-मिट्टी जमा होना, चेहरे को बार-बार छूना और साफ-सफाई की कमी त्वचा के रोमछिद्रों को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण चेहरे पर दाने और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोग मौसम और दिनचर्या के प्रभाव को समझने के बजाय सीधे आम को कारण मान लेते हैं।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि कुछ लोगों में आम से जुड़ी एलर्जी जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है। कई बार चेहरे के आसपास लाल दाने, खुजली या छोटे चकत्ते दिखाई देते हैं जिन्हें लोग पिंपल समझ लेते हैं। जबकि कई मामलों में यह त्वचा की एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है। इसलिए त्वचा पर होने वाले हर बदलाव को एक्ने मान लेना भी सही नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित मात्रा में आम का सेवन, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और सही स्किन केयर आदतें अपनाने से त्वचा को स्वस्थ रखा जा सकता है। इसलिए आम को पूरी तरह दोष देने के बजाय जीवनशैली और शरीर की वास्तविक जरूरतों को समझना अधिक जरूरी माना जा रहा है।
