भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन: मासिक शिवरात्रि पर व्रत और पूजा का महत्व
पंचांग के अनुसार मई 2026 की मासिक शिवरात्रि 14 मई 2026 को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 13 मई की रात से होगी और इसका समापन अगले दिन तक रहेगा। इस दिन भक्त व्रत रखकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे और मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की उपासना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से जो श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं और पूरी श्रद्धा से शिवजी की पूजा करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
इस दिन पूजा का विशेष महत्व निशिता काल में माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मध्य रात्रि का समय भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ होता है। इसी समय शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने की परंपरा है।
व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह स्नान कर संकल्प लेते हैं और पूरे दिन उपवास रखते हैं। इसके बाद ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ किया जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य लाती है।
मंदिरों में इस दिन विशेष सजावट की जाती है और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। कई स्थानों पर रात्रि जागरण और भजन संध्या का भी आयोजन किया जाता है।
