ठगी को लेकर आरोप प्रत्यारोप के बीच प्रदेश प्रभारी पहुंची देहरादून
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राहुल गांधी का पीए बन कांग्रेसियों से करोड़ों की ठगी का मामला
Uttarakhand Dehradun Congress: देहरादून पुलिस ने राहुल गांधी के पर्सनल सेक्रेटरी बनकर कांग्रेसी नेताओं को ही ठगने वाले को गिरफ्तार किया है, जो पार्टी में पद और टिकट दिलवाने के नाम पर मोटी रकम वसूल करता था। उसके जाल में देश भर के नेता फंस चुके हैं। महिला नेता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो अमृतसर का रहने वाला है। मामला राजपुर थाना क्षेत्र का है। इधर कांग्रेस पार्टी के अंदर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रदेश अध्यक्ष इसे साजिश बता रहे हैं। वहीं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा देहरादून पहुंच चुकी हैं। उनकी यात्रा को आरोप प्रत्यारोप से जोड़कर देखा जा रहा है।
कांग्रेसी नेताओं को राहुल गांधी का निजी सचिव बन ठगा
उत्तराखंड के देहरादून के राजपुर थाने में कांग्रेसी नेता भावना पांडे ने शिकायती पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया है। अपनी तहरीर में उन्होंने बताया कि कनिष्क सिंह नाम का व्यक्ति अपने आप को राहुल गांधी का पर्सनल सेक्रेटरी बताता है और उसने पार्टी में पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपए की ठगी की।
स्पीकर खोलकर की बड़े नेताओं से बातचीत
भावना पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि कनिष्क सिंह ने विश्वास जीतने के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं जैसे हरीश रावत, हरक सिंह, यशपाल आर्य, गणेश गोदियाल आदि नेताओं से स्पीकर खोलकर बातचीत कराई। इसी बीच उसने फोन पर बताया कि उसके साथ देहरादून के फाइव-स्टार होटल में 12 विधायक ठहरे हैं, जिनके ऊपर करीब 22.5 लाख रुपए खर्च हो गए हैं। इसके लिए ही उसने 25 लाख रुपए की मांग की।
ठगा: बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश के नेताओं को भी
भावना पांडे ने बताया कि 13 अप्रैल को कनिष्क सिंह ने एक आदमी को भेजकर 25 लाख रुपए नकद ले लिए। 25 लाख रुपए लेने के बाद कनिष्क सिंह ने फोन उठाना बंद कर दिया। जब इसकी चर्चा उन्होंने पार्टी नेताओं से की तो पता चला कि कई अन्य नेताओं से भी उन्होंने ठगी की है, जिसमें बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गोवा आदि के नेता भी शामिल हैं।
गिरफ्तार: पुलिस ने जाल बिछाकर किया
भावना पांडे की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सर्विलांस के माध्यम से आरोपी कनिष्क सिंह की जानकारी इकट्ठा की गई। राजपुर पुलिस को जानकारी हुई कि वह जाखन स्थित पैसिफिक मॉल के पास एक अन्य कार्यकर्ता से पैसा लेने के लिए जा रहा है। पुलिस ने घेरेबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
अमृतसर का मूल रूप से रहने वाला
पुलिस की पूछताछ में जानकारी हुई कि कनिष्क सिंह मूल रूप से अमृतसर का गौरव कुमार है, जिसने 2003 से 2015 के बीच राहुल गांधी के निजी सचिव रह चुके कनिष्क सिंह के नाम पर ट्रूकॉलर (Truecaller) पर अपनी आईडी बनाई। इसी के माध्यम से वह लोगों के बीच अपनी छवि बना प्रभावित करता था।
वसूली : कई राज्यों में कांग्रेसी नेताओं से की
पुलिस की पूछताछ में गौरव कुमार उर्फ कनिष्क सिंह ने बताया कि 2017 में विधायक का टिकट दिलाने के नाम पर जयपुर में दो नेताओं से क्रमशः 1.5 करोड़ और 12 लाख रुपए वसूल किए। 2025 में पटना के कांग्रेसी कार्यकर्ता को पद दिलाने के नाम पर भी वसूली की। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
देहरादून पहुंची: प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा
इस मामले में अब कांग्रेस पार्टी में भी बहस शुरू हो गई है। कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि हाई कमान की महत्वपूर्ण और गुप्त सूचनाएं कुछ ही लोगों को दी जाती हैं। ऐसे में गौरव कुमार उर्फ कनिष्क सिंह ने इसका फायदा उठाया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल इसे एक षड्यंत्र बता रहे हैं। वहीं आरोपी गौरव कुमार भी भावना पांडे के खिलाफ बयान दे रहा है। इसी बीच कांग्रेस की राज्य प्रभारी कुमारी शैलजा देहरादून पहुंच चुकी हैं, जो कांग्रेस नेताओं से बातचीत करके हो रहे नुकसान को नियंत्रित करेंगी।
