बंगाल का नया CM कौन…. आज MLAs संग अमित शाह की बैठक पर सभी की नजरें
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के नतीजों के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य की कमान किसके हाथों में होगी। भारतीय जनता पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक करने वाले हैं। बैठक के बाद जल्द ही राज्य के अगले सीएम के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
अमित शाह और मोहन चरण माझी को अहम जिम्मेदारी
पार्टी आलाकमान ने विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे।
बैठक में कैसे तय होगा विधायक दल का नेता?
आज होने वाली इस बैठक में दोनों पर्यवेक्षक सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, शाह व्यक्तिगत स्तर पर और सामूहिक रूप से विधायकों से बात करेंगे ताकि मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाई जा सके। विधायकों की राय जानने के बाद विधायक दल के नेता और अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं, जिसके बाद इस फैसले को आधिकारिक रूप दिया जाएगा।
9 मई को होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
नए मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। इस बीच राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी की मौजूदगी पश्चिम बंगाल की राजनीति में होने जा रहे इस बड़े बदलाव को और भी खास बनाएगी।
रेस में और कौन?
नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी जीत का परचम लहराने वाले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे शुभेंदु अधिकारी का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है। हालांकि बीजेपी अक्सर अपने फैसलों से चौंकाती रही है। शुभेंदु के अलावा कुछ अन्य नामों पर भी चर्चा गर्म है।
सुकांत मजूमदार: प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके शांत स्वभाव और आरएसएस (RSS) के साथ उनके गहरे जुड़ाव को देखते हुए उन्हें एक ‘डार्क हॉर्स’ माना जा रहा है।
दिलीप घोष: पार्टी को जमीनी स्तर पर खड़ा करने वाले दिलीप घोष का नाम भी चर्चा से बाहर नहीं है। उनका आक्रामक अंदाज कार्यकर्ताओं में जोश भरता है।
महिला कार्ड या नया चेहरा: महिला वोटरों को साधने के लिए बीजेपी किसी महिला विधायक या फिर केंद्र से किसी अनुभवी चेहरे को भी बंगाल की कमान सौंप सकती है।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर लिया, जिससे राज्य में टीएमसी के लगातार 15 वर्षों के शासन का अंत हो गया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने 80 सीटों पर जीत दर्ज की।
