March 9, 2026

बंगाल में पकड़े गए बांग्लादेश के दो आरोपी, युवा नेता हादी की हत्या में बताए जा रहे शामिल

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सीमा के पास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर बांग्लादेश के युवा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शरिफ उस्मान हादी की हत्या में शामिल होने का आरोप है।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बोंगांव सीमा क्षेत्र में छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी भारत में छिपे हुए थे और मौका मिलते ही वापस बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे।

गुप्त सूचना के बाद हुई कार्रवाई

पुलिस को सूचना मिली थी कि बांग्लादेश में गंभीर अपराध करने के बाद दो लोग अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए हैं। इसके बाद STF ने बोंगांव इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया।

7 और 8 मार्च की रात छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों पर हत्या और वसूली जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।

मेघालय सीमा से भारत में घुसे

जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद वे अलग-अलग जगहों पर घूमते रहे और अंत में पश्चिम बंगाल के बोंगांव इलाके में पहुंच गए।

पुलिस को शक है कि वे कुछ समय तक सीमा के पास छिपे रहने के बाद फिर से बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे।

ढाका में हुई थी गोली मारकर हत्या

जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में शरिफ उस्मान हादी पर उस समय हमला किया गया था जब वह रिक्शा से यात्रा कर रहे थे। हमलावरों ने करीब से गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

बेहतर इलाज के लिए 15 दिसंबर को उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद ढाका में प्रदर्शन

हादी की मौत के बाद ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की थी। उस समय मोहम्मद यूनुस ने इस घटना के बाद राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था।

बताया जाता है कि हादी को फरवरी 2026 के राष्ट्रीय चुनाव में ढाका-8 सीट से संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था।

आगे की जांच जारी

पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और भारत में आने के बाद आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया।

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