April 25, 2026

क्या हम उल्टी दिशा में जा रहे हैं? UGC रूल्स पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, दुरुपयोग की जताई आशंका

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नई दिल्ली । आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC द्वारा वर्ष 2026 में लागू किए गए इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा में समानता सुनिश्चित करना है, लेकिन याचिकाकर्ताओं का तर्क इसके बिल्कुल विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट आज उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाली नियमावली, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। इन नए नियमों पर आरोप लगाया गया है कि ये सामान्य श्रेणी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची की पीठ इन रिट याचिकाओं पर विचार कर रही है।
सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि हम इस मामले की वैधता की जांच कर रहे हैं। याचिका में दावा है कि नए नियमों से भेदभाव बढ़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा क्या हम उल्दी दिशा में जा रहे हैं हमें जातिविहीन समाज की तरफ बढ़ना चाहिए। जिन्हें सुरक्षा चाहिए उनके लिए व्यवस्था हो। आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC द्वारा वर्ष 2026 में लागू किए गए इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा में समानता सुनिश्चित करना है, लेकिन याचिकाकर्ताओं का तर्क इसके बिल्कुल विपरीत है। अधिवक्ता मृत्युंजय तिवारी विनीत जिंदल और राहुल दीवान द्वारा दायर इन याचिकाओं में कई आपत्तियां उठाई गई हैं

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि ये नियम समानता के नाम पर सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के हितों को नुकसान पहुंचाएंगे। दलील दी गई है कि नए नियम योग्यता और समानता के संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। याचिकाओं में कहा गया है कि नियमावली का वर्तमान स्वरूप समावेशी होने के बजाय एक वर्ग विशेष के प्रति झुकाव रखता है, जिससे सामान्य वर्ग के अवसर सीमित हो सकते हैं।

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