March 10, 2026

PMAY 2.0 से साकार हो रहा अपने घर का सपना…. मोदी सरकार अब होम लोन पर देगी बड़ा तोहफा

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नई दिल्ली।
घर खरीदना (Buying Home) हर किसी का सपना होता है लेकिन इस सपने को साकार कर पाना इतना आसान भी नहीं है। इस सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार (Central government) की प्रधानमंत्री आवास योजना (Prime Minister’s Housing Scheme- PMAY) 2.0 काफी अहम भूमिका निभाती है। योजना के तहत, योग्य कर्जदार 25 लाख रुपये तक के होम लोन पर 1.8 लाख रुपये तक की इंटरेस्ट सब्सिडी पा सकते हैं। यह सब्सिडी पांच सालाना किस्तों में दी जाती है और सीधे कर्जदार के लोन अकाउंट में जमा की जाती है, जिससे बकाया मूलधन और EMI कम हो जाती है।


किस-किस कैटेगरी के लिए योजना

यह योजना तय इनकम कैटेगरी के लोगों के लिए है। सालाना 3 लाख रुपये तक कमाने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवार, 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच इनकम वाले कम इनकम ग्रुप (LIG) के कर्जदार और सालाना 6-9 लाख रुपये कमाने वाले मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के खरीदार, अन्य शर्तों के अधीन, इसके लिए योग्य हैं। सीधी सब्सिडी के अलावा टैक्स इंसेंटिव भी री-पेमेंट का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24(b) के तहत, कर्ज लेने वाले होम लोन के ब्याज पर हर साल 2 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा, सेक्शन 80C प्रिंसिपल रीपेमेंट पर 1.5 लाख रुपये तक की कटौती की अनुमति देता है, जिससे समय के साथ कर्ज लेने की असल लागत कम होती है।


योजना के बारे में

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 भारत के प्रमुख शहरी आवास मिशन का दूसरा चरण है, जिसका लक्ष्य शहरों और कस्बों में सभी के लिए आवास हासिल करना है। योजना में विधवाओं, अकेली महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग व्यक्तियों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और SC/ST और अल्पसंख्यक समुदायों को प्राथमिकता दी जाती है। यह योजना बुनियादी सुविधाओं के साथ किफायती आवास को बढ़ावा देती है, जिससे राज्यों को घर के आकार के नियमों में लचीलापन मिलता है। आवेदकों के पास भारत में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए और उन्हें निर्धारित आय सीमा के भीतर आना चाहिए।

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