March 8, 2026

दिल्ली में छोटे अपराधों पर अब नहीं होगी जेल, रेखा कैबिनेट ने पास किया नया बिल

0
alman-1767175031



नई दिल्ली।
दिल्ली में छोटे अपराधों और मामूली नियम उल्लंघनों के लिए अब किसी को जेल नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली मंत्रिमंडल ने दिल्ली जन विश्वास उपबंध संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इस बिल का उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से बाहर निकालकर उन्हें सिविल पेनाल्टी में बदलना है, ताकि आम लोगों और व्यवसायों को गैरजरूरी कानूनी परेशानियों से राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह बिल न केवल बिजनेस करना आसान बनाएगा, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी भी सरल होगी। छोटे नियमों के उल्लंघन के लिए अब आपराधिक केस दर्ज नहीं किए जाएंगे, जिससे अदालतों पर बोझ कम होगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बिल दिल्ली विधानसभा के विंटर सेशन में पेश किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 5 जनवरी से होगी।
बिल के दायरे में कई महत्वपूर्ण कानून शामिल किए गए हैं। इनमें दिल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट, दिल्ली शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ बेड एंड ब्रेकफास्ट एक्ट, दिल्ली जल बोर्ड एक्ट, दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेजेज एक्ट, डिप्लोमा लेवल टेक्निकल एजुकेशन एक्ट और दिल्ली एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एक्ट जैसे कानून शामिल हैं। इन कानूनों के अंतर्गत अब मामूली उल्लंघनों के लिए जेल या आपराधिक कार्रवाई की बजाय जुर्माने का प्रावधान होगा।

बिल में यह भी प्रावधान किया गया है कि जुर्माने की राशि हर तीन साल में 10 प्रतिशत बढ़ेगी, ताकि महंगाई के साथ पेनाल्टी प्रभावी बनी रहे। सरकार का मानना है कि इससे कानूनों का पालन बढ़ेगा, लेकिन लोगों को गैरजरूरी डर या उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि यह बिल केंद्र सरकार के जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम की तर्ज पर तैयार किया गया है। दिल्ली सरकार का मकसद है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग दोनों को बढ़ावा मिले। इस कदम को दिल्ली में विश्वास, सरल और व्यावहारिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *