March 9, 2026

टैक्स-फ्री होगा? पीएफआरडीए ने एनपीएस से 80 प्रतिशत लंपसम निकासी की अनुमति

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– एनपीएस के बदले मिलेगा लोन, कर्ज चुकाने को भी निकासी

नई दिल्ली। अब तक एनपीएस को केवल रिटायरमेंट की बचत माना जाता था, पर पीएफआरडीए के एनपीएस एग्जिट के नियमों में बदलाव से एनपीएस अब आर्थिक सहारे का साधन भी बन गया है। अब सब्सक्राइबर जरूरत पडऩे पर किसी बैंक से अपने एनपीएस पेंशन कॉर्पस के बदले लोन भी ले सकेंगे। बैंक इसके लिए व्यक्ति के पेंशन खाते पर चार्ज (लिएन) दर्ज कर सकता है, पर यह सीमा व्यक्ति के खुद के योगदान के 25प्रतिशत तक ही होगी। यानी अपने योगदान का 25प्रतिशत तक ही लोन ले सेकेंगे। यानी पूरी पेंशन गिरवी नहीं रखी जा सकेगी। इसके लिए अलग से गाइडलाइंस जारी होगी।

ये बड़े बदलाव हुए
– घर खरीदने या बनाने के लिए आंशिक निकासी की मौजूदा व्यवस्था बनी रहेगी, बशर्ते सब्सक्राइबर के पास पहले से पैतृक संपत्ति​ के अलावा कोई घर न हो। इसे वन-टाइम’ निकासी बताया गया है।

– मेडिकल जरूरतों के लिए निकासी का दायरा बढ़ा दिया है। पहले जहां कुछ चुनिंदा गंभीर बीमारियों की सूची थी, अब सब्सक्राइबर जीवनसाथी, बच्चों या माता-पिता के इलाज के लिए निकासी कर सकेंगे।

– बैंकों से लिए गए कर्ज के निपटाने के लिए भी एनपीएस से आंशिक निकासी की अनुमति

– खुद का वेंचर शुरू करने जैसे उद्देश्य हटाए गए हैं। स्किल डेवलपमेंट, री-स्किलिंग या सेल्फ-डेवलपमेंट एक्टविटीज और स्टार्टअप शुरू करने जैसे उद्देश्यों को प्री-मैच्योर निकासी की पात्र सूची से हटाया गया है।

ये बदलाव भी जानना जरूरी

: पहले एनपीएस में पैसा 75 साल की उम्र तक ही लगा रह सकता था,
अब इसे 85 साल कर दी गई है। इससे कंपाउंडिंग का फायदा ज्यादा मिलेगा।

: अगर कुल कॉर्पस 8 लाख रुपए या उससे कम है तो
अब पूरा पैसा लंपसम निकाल सकते हैं। यह सुविधा गवर्नमेंट और नॉन-गवर्नमेंट दोनों के लिए है।

: 60 साल की उम्र से पहले अगर पैसे की जरूरत पड़े तो
अब आप 4 बार तक आंशिक निकासी कर सकते हैं। हर दो निकासी के बीच 4 साल गैप रखना होगा।

: 60 साल के बाद भी निवेश जारी रखने पर
हर 3 साल में एक बार निकासी की छूट है, वो भी अपनी कंट्रीब्यूशन का 25प्रतिशत तक।

: ‘सिस्टेमेटिक यूनिट रिडेम्पशन’ का एक नया ऑप्शन।
इसमें अपना पैसा एकमुश्त के बजाय कम से कम 6 साल की अवधि में किस्तों में निकाल सकते हैं।

टैक्सेशन:
गैर-सरकारी सब्सक्राइबर रिटायरमेंट पर 80प्रतिशत पैसा एक साथ निकाल सकेंगे। पहले यह सीमा 60प्रतिशत थी। लेकिन क्या पूरी 80प्रतिशत राशि टैक्सफ्री होगी? टैक्स एक्सपर्ट गौरव मखिजानी ने कहा, इनकम टैक्स एक्ट के तहत 60प्रतिशत एकमुस्त निकासी ही टैक्स फ्री है। ऐसे में 20प्रतिशत एक्सट्रा निकासी पर टैक्स देना होगा, जब तक कि आयकर नियमों में संशोधन नहीं होता है।

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