IAS वर्मा को सेवा से बर्खास्त करो… सरकार ने केंद्र को भेजा ‘चिट्ठा’
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दिया था विवादित बयान: ब्राह्मण समाज के कई संगठनों ने सीएम हाउस का घेराव फिलहाल टाला

भोपाल. आइएएस अफसर संतोष वर्मा से आइएएस अवॉर्ड वापस लेने और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र को भेज दिया है। प्रस्ताव में सरकार ने माना कि वर्मा के बयान के बाद तनाव बढ़ा है। प्रस्ताव में वर्मा पर कई गंभीर आरोपों का भी जिक्र है। यह प्रस्ताव केंद्रीय कार्मिक विभाग के सचिव के नाम भेजा गया है। वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल के आंबेडकर मैदान में हुए अजाक्स के प्रांतीय सम्मेलन में कहा था कि जब तक मेरे बेटे के लिए कोई ब्राह्मण समाज की बेटी न दे दें या संबंध न बना दे, तब तक पदोन्नति में आरक्षण जारी रहना चाहिए।
अब 10 दिन की मोहलत
ब्राह्मण समाज के कई संगठन वर्मा को तत्काल बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हैं। बर्खास्त नहीं करने से नाराज होकर मुख्यमंत्री निवास के घेराव की चेतावनी दी थी। हालांकि केंद्र को प्रस्ताव भेजने के बाद घेराव 10 दिन टाल दिया है।
सपाक्स पार्टी का प्रदर्शन आज
एफआइआर, निलंबन की मांग को लेकर सपास पार्टी ने रविवार को सीएम हाउस घेराव का ऐलान किया है। प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से होगा।
संविधान आंदोलन, कार्रवाई रोकी जाए
वर्मा के खिलाफ कार्रवाई से मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजास) और जयस का एक धड़ा मैदान में आ गया है। शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में विरोध दर्ज कराया गया। चेतावनी दी कि 18 जनवरी को भोपाल में संविधान आंदोलन में पांच लाख लोग जुटेंगे। वर्मा के खिलाफ सरकार दबाव में कार्रवाई कर रही है। इसे रोका जाए। अजाक्स व जयस के एक धड़े ने 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन राज्यपाल व मुख्यमंत्री को भेजा है। इसमें पं. प्रदीप मिश्रा से लेकर पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र है। पदोन्नति में आरक्षण की मांग भी दोहराई है।
पदोन्नति से अयोग्य किया, पूल में भेजा
: सरकार ने वर्मा को पहले पदोन्नति से अयोग्य करार दिया। उप सचिव से अपर सचिव पद पर पदोन्नत किया जाना था।
: वर्मा किसान कल्याण एवं कृषि विभाग में उप सचिव थे, जिन्हें सरकार ने बुधवार देर रात विभाग से हटाकर पूल में भेज दिया।
