March 8, 2026

Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS 100): अनादिराष्ट्र चेतना का पुण्य अवतार है संघ, स्मारक डाक टिकट और 100 रुपए का स्मारक सिक्का जारी

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RSS 100 years

मैं सर्वशक्तिमान श्री परमेश्वर तथा अपने पूर्वजों का स्मरण कर मैं प्रतिज्ञा करता हूँ
कि आपने पवित्र हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति तथा हिन्दू समाज की अभिवृद्धि कर
भारतवर्ष की सर्वाड्जीण उल्नति करने के लिये मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घटक बना
हूँ। संध का कार्य मैं प्रामाणिकता, निःस्वार्थ बुद्धि तथा तन, मन, धनपूर्वक करूँगा
और इस व्रत का मैं आजन्म पालन करूँगा।
॥ भारत माता की जय ॥

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के शताब्दी (RSS 100) समारोह में संघ को ‘अनादि राष्ट्र चेतना का पुण्य अवतार’ बताते हुए कहा कि संघ का कार्य एक अविरल तप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संघ की यात्रा में अनेक धाराएं बनीं, लेकिन कहीं कोई विरोध या मतभेद उत्पन्न नहीं हुआ, क्योंकि हर स्वयंसेवक के लिए राष्ट्रहित ही सर्वोच्च रहा है।

प्रधानमंत्री बुधवार को डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित संघ (RSS) शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से तैयार स्मारक डाक टिकट और 100 रुपए का स्मारक सिक्‍का जारी किया। कार्यक्रम में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार का लोकसंग्रह अनुपम था। उन्होंने सामान्य लोगों को असामान्य कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शाखा एक तीर्थस्थल के
समान होती है, जहां स्वयंसेवक ‘अहम से वबयं’ की यात्रा करता है। शाखा को उन्होंने व्यक्ति निर्माण की भूमि और संघ (RSS) को यात्रा का आधार बताया।

RSS 100: संघ प्रचारक का ‘वेतन’ है समाज की मुस्कान

 

संघ (RSS 100) ने कभी भी कटुता नहीं अपनाई: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघ को कुचलने के लिए अनेक षड्यंत्र हुए, लेकिन संघ ने कभी कटुता नहीं अपनाई।

सेवा और समर्पण की भावना से संघ (RSS 100) ने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य सदैव एक श्रेष्ठ भारत का निर्माण रहा है और इस लक्ष्य को समाज के लिए संघ का लोकतंत्र और संविधान में अडिग विश्वास सबसे बड़ी शक्ति है।

संघ का शताब्दी वर्ष समारोह आज…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 (Rashtriya Swayamsevak Sangh 100) वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित श्री विजयादशमी उत्सव का गुरुवार 2 अक्टूबर को प्रात: 7.40 बजे रेशिमबाग, नागपुर में संपन्न होगा। इस अवसर पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे और सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का मार्गदर्शक उदबोधन होगा।

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समाज की सक्रियता ही संघ का जीवन व्रत: होसबाले
कार्यक्रम में संघ (RSS 100) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि समाज की सक्रियता और पुरुषार्थ को जागृत करना ही संघ का जीवन व्रत रहा है। रकार्यवाह ने कहा कि संघ (RSS) प्रतिक्रिया में बना हुआ संगठन नहीं है हमारा उद्देश्य राष्ट्र के लिए काम करना और विश्व के कल्याण में योगदान देना रहा है। व्यक्ति को समाज से जोड़ना हमारा कार्य है। इस बारे में हमें किसी के प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है और संघ की कोई अपेक्षा भी नहीं है। उन्होंने देश के बारे में चलाए जा रहे नकारात्मक कथानक के प्रति अगाह किया और कहा कि संघ अपने शताद्दी (RSS 100) वर्ष में भारत के विमर्श को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि भारतीय समाज के बारे में विमर्श सकारात्मक और सत्य आधारित होनी चाहिए। संघ कार्य की पद्धति नई है लेकिन कार्य वही है। यही डॉ. हेडगेवार ने कहा था कि संघ भारत की जीवन संस्कृति के जागरण का कार्य है।

सिक्के में भारत माता:

भारत माता की जय
               भारत माता की जय

 

» सिक्के पर संघ के बोध वाक्य ‘राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम’ को अंकित किया गया है जिसका अर्थ है ‘यह मेरा नहीं है यह राष्ट्र का है।’

» सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिह्न है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि है, जिनके सामने संघ के स्वयंसेवक समर्पण भाव से नमन करते दिखाई देते हैं।

» डाक टिकट पर 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में संघ (RSS) कार्यकर्ताओं की परेड की तस्वीर अंकित है। 1963 में संघ के स्वयंसेवक 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए थे और राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल  किया था।

» यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा पर भारत माता की तस्वीर अंकित की गई है।

 

 

 

 

 

 

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