RSS 100 Years: हर वर्ग-क्षेत्र में काम से वटवृक्ष बना संघ परिवार
– स्थापना के बाद यों बढ़ता गया कारवां

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शाखा लगाकर सिर्फ व्यक्ति निर्माण से ही नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग व क्षेत्र में काम कर बड़ा बना है, जिसके आज करोड़ों स्वयंसेवक और समर्थक हैं। संघ को वटवृक्ष बनाने में महिला, मजदूर, विद्यार्थी, वनवासी और सेवा क्षेत्र आदि में काम करने वाले इसके तीन दर्जन संगठनों (जिन्हें विविध क्षेत्र कहा जाता है) की अहम भूमिका है। संघ परिवार के ये संगठन अपने क्षेत्र में राष्ट्रीय विचार, संस्कृति, समर्पण, सेवा की भावना लेकर चलते हैं। संघ के प्रचारक इन्हें आगे बढ़ाते हैं। अखिल भारतीय एवं कुछ प्रांत स्तर पर ऐसे लगभग 52 संगठन कार्यरत हैं। देश में सत्तारूढ़ भाजपा भी इसी परिवार की सदस्य मानी जाती है।
राष्ट्र सेविका समिति: महिलाओं का समानांतर संगठन, 1936 में विजयादशमी के दिन शुरुआत, पूरे देश मे 5000 शाखाएं और 100 प्रचारिकाएं और विस्तारिकाएं।
भारतीय मजदूर संघ: श्रमिक वर्ग में काम करने के लिए 25 जुलाई 1955 को भारतीय मजदूर संघ की स्थापना भोपाल में हुई। 6000 संगठित और असंगठित यूनियनों और 42 महासंघों के माध्यम करीब सवा दो करोड़ सदस्यों वाला देश का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन।
विश्व हिन्दू परिषद: हिन्दू समाज के संगठन के लिए 29 अगस्त 1964 को मुंबई के सांदीपनी आश्रम में विश्व हिन्दू परिषद का गठन हुआ। विहिप के बैनर तले ही संघ ने अयोध्या में राम जन्म भूमि मुक्ति का सफल आंदोलन किया। 65 देशों में 45 सौ से अधिक सेवा प्रकल्प, बजरंग दल दुर्गावाहिनी जैसे 17 उपसंगठन हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद: विद्यार्थियों में कार्य करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की औपचारिक स्थापना 9 जुलाई 1949 कोमुंबई में।
करीब 59.36 लाख सदस्यों के साथ यह विश्व का सबसे बड़ा बड़ा छात्र संगठन है। एबीवीपी से निकले छात्र नेता आज देश की राजनीति में अहम पदों पर हैं।
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राष्ट्रीय सेवा भारती: समाज के आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से पिछड़े एवं उपेक्षित समाज के उत्थान के लिए सेवा भारती का गठन 2 अक्टूबर 1979 को हुआ। 900 संस्थाओं के माध्यम से 52 हजार 562 स्थानों पर एक लाख बावन हजार से ज्यादा प्रकल्प चल रहे हैं।
भारतीय जनसंघ-भारतीय जनता पार्टी: राजनीतिक क्षेत्र में 21 अक्टूबर 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ पं.दीनदयाल उपाध्याय, कुशाभाऊ ठाकरे, बलराज मधोक, नानाजी देशमुख, अटल बिहारी वाजपेयी, सुन्दर सिंह भंडारी व अन्य प्रचारकों को जनसंघ में कार्य के लिए भेजा गया। आपातकाल के बाद जनसंघ का जनता पार्टी में विलय। बाद में 6 अप्रेल 1980 को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। जो आज विश्व में सबसे ज्यादा सदस्यता वाला राजनीतिक दल माना जाता है। भाजपा ने पहले अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में देश में 5 साल शासन चलाया। पिछले 11 साल से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का शासन है।
ये संगठन भी सक्रिय: अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम, विधा भारती, भारत विकास परिषद, भारतीय किसान संघ, भारतीय इतिहास संकलन योजना, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, भारतीय शिक्षण मण्डल, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, भारतीय सिन्धु सभा, संस्कार भारती, राष्ट्रीय सिख संगत, स्वदेशी जागरण मंच, संस्कृत भारती,अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद्, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, विज्ञान भारती, लघु उद्योग भारती, सहकार भारती, प्रज्ञा भारती, क्रीड़ा भारती, नेशनल मेडिकोज, आरोग्य भारती, सक्षम, हिन्दू जागरण मंच, सामाजिक समरसता मंच विश्व विभाग, विवेकानंद केन्द्र, दीनदयाल शोध संस्थान, सीमा जन कल्याण समिति संगठन भी संघ के अनुषांगिक संगठन हैं।
