Uttarakhand: मंत्री-विधायक कोई हो, राज्य की एकता प्रतिष्ठा पर गलत टिप्पणी नहीं बर्दाश्त
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सीएम का सख्त संदेश
क्षेत्रवाद को लेकर अपने ही नेताओं की बयानबाजी को लेकर असहज भाजपा अब उनका इलाज करने की तैयारी में है। वहीं आज सीएम धामी का बयान सामने आया है। उन्होंने सख्त संदेश दिया कि मंत्री-विधायक कोई हो, राज्य की एकता प्रतिष्ठा पर गलत टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी बड़बोले नेताओं के विवादित और संवेदनशील मुद्दे पर बोलने से बचने को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में जिस तरह से पार्टी नेताओं के क्षेत्रवाद के मुद्दे पर बार-बार बयान आ रहे हैं, उनका विपक्ष भी उसी अंदाज में जवाब दे रहा है।
Watch: Under the Panchayati Raj Department, Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami distributes appointment letters to selected Village Panchayat Development Officers.
He says, "…I want to make it clear to all, whether they are ministers, MLAs, MPs, public representatives, or any… pic.twitter.com/CmXoShiSkA
— IANS (@ians_india) February 27, 2025
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बयान के मामले में उन्हें दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। राज्य में कुछ लोगों द्वारा जिस तरह का वातावरण बनाया जा रहा है, उसे किसी रूप में उचित नहीं कहा जा सकता। हमने कांग्रेस नेताओं से भी संवेदनशील मुद्दे पर बयानबाजी न करने की आग्रह किया है। पार्टी के लोगों को इस बारे में दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
Uttarakhand: भाजपा बड़बोले नेताओं का ‘इलाज’ करने की तैयारी में…
पार्टी को असहज करता रहा है चंद नेताओं का बर्ताव
कैबिनेट मंत्री का विवादित बयान कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भाजपा हरिद्वार में पार्टी के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के बीच हुए विवाद को लेकर असहज हो चुकी है। चैंपियन जेल में हैं, लेकिन पार्टी ने अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। पिछले एक साल के दौरान कई ऐसे मामले आए, जिनमें भाजपा और उसकी सरकार विपक्ष के निशाने पर रही।
पहाड़ी लोगों पर विवादित बयान पर प्रेमचंद अग्रवाल
को CM पुष्कर धामी ने विधानसभा में ही सबके सामने सिखाया पाठबोले “इस प्रकार की बातें नहीं आनी चाहिए” ये राज्य सभी का है हम सब एक है #Uttarakhand https://t.co/zZvch0LGBK pic.twitter.com/goRAHVtb8m
— Pyara Uttarakhand प्यारा उत्तराखंड (@PyaraUKofficial) February 22, 2025
सल्ट के पार्टी विधायक महेश जीना का देहरादून नगर निगम में हुआ विवाद रहा हो या फिर लैंसडौन विधायक दिलीप रावत की परिवहन विभाग अधिकारी से कहासुनी या फिर सरकार के एक मंत्री के महकमे में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच का मामला रहा हो। इन सभी मामलों में विपक्ष को पार्टी और सरकार पर हमला बोलने का अवसर मिला। लेकिन पार्टी अपने विवादित नेताओं का इलाज नहीं कर पाई। लेकिन अब ऐसे संकेत हैं कि पार्टी नेतृत्व इस पर कड़ा रुख अख्तियार करेगा।