चार हत्याएं और फिर रेलवे ट्रैक पर नरेंद्र की मौत, शव के पास मिलीं नींद की दवा की स्ट्रिप, कर्ज और बेरोजगारी के एंगल से जांच तेज
दूसरी ओर रेलवे ट्रैक पर मिले नरेंद्र के शव के पास नींद की दवा बताई जा रही गोलियों की दो स्ट्रिप मिलने से पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। इनमें से एक स्ट्रिप पूरी तरह खाली मिली है। बताया जा रहा है कि इस स्ट्रिप में 10 गोलियां थीं। दूसरी स्ट्रिप में भी गोलियां मौजूद थीं। पुलिस को आशंका है कि नरेंद्र ने घर से निकलने के बाद या उससे पहले दवाओं का सेवन किया हो सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसने वास्तव में कितनी गोलियां खाई थीं। पुलिस ने दवाओं को जांच के लिए भेजा है। चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि गोलियां किस श्रेणी की थीं और उनका सेवन हुआ था या नहीं।
जांच में सामने आया है कि नरेंद्र सोमवार सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर अपनी बुलेट लेकर घर से निकला था। सीसीटीवी फुटेज में उसे घर से जाते हुए देखा गया है। इसके बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस अब घर से निकलने और रेलवे ट्रैक पर शव मिलने के बीच की पूरी समयावधि की पड़ताल कर रही है। इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घर से निकलने के बाद नरेंद्र किसके संपर्क में था और उसने आखिरी बार किससे बातचीत की थी।
इस मामले में आर्थिक परेशानी और कर्ज का पहलू भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि नरेंद्र पर काफी कर्ज था और वह पिछले 15 से 20 दिनों से बेरोजगार था। परिजनों के मुताबिक वह पहले आस्था के पास एक रिसोर्ट में शेफ का काम करता था। इससे पहले उसने अपना छोटा रेस्टोरेंट भी शुरू किया था लेकिन कारोबार नहीं चलने के कारण उसे बंद करना पड़ा। इसके बाद उसकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती चली गई।
परिजनों ने नरेंद्र पर करीब 25 से 30 लाख रुपए की देनदारी होने की बात कही है। उसकी बहन ने दो महिलाओं समेत छह लोगों पर कर्ज के लिए परेशान करने का आरोप भी लगाया है। पुलिस अब इन आरोपों की जांच कर रही है। लेनदारों से पूछताछ और नरेंद्र की आर्थिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक कर्ज को इस पूरे घटनाक्रम की वजह मानकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।
घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए थे। फॉरेंसिक टीम ने दोपहर करीब 2 बजकर 15 मिनट पर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद शाम करीब 4 बजकर 10 से 4 बजकर 15 मिनट के बीच चारों शव हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी भेजे गए थे।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट फॉरेंसिक साक्ष्यों दवाओं की जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर के अंदर चारों की हत्या कैसे और किन परिस्थितियों में हुई तथा इसके बाद नरेंद्र रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और आधिकारिक पुष्टि होने तक किसी भी वजह को अंतिम नहीं माना जा रहा है।
