भारत-स्पेन संबंधों को नई ऊंचाई देने स्पेन जाएंगे पबित्रा मार्गेरिटा, मैड्रिड में कई अहम बैठकों पर रहेंगी नजरें
स्पेन में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में लैटिन अमेरिका और यूरोप के कई देश हिस्सा लेते हैं। वर्तमान में इसके सदस्य देशों की संख्या 22 है। इनमें लैटिन अमेरिका के 19 देश और यूरोप के तीन देश स्पेन, पुर्तगाल तथा अंडोरा शामिल हैं। इसके अलावा सम्मेलन में 12 एसोसिएट ऑब्जर्वर और 20 कंसल्टेटिव ऑब्जर्वर भी जुड़े हुए हैं। भारत सहयोगी पर्यवेक्षक के रूप में इस मंच की गतिविधियों में भागीदारी कर रहा है।
पबित्रा मार्गेरिटा की यात्रा के दौरान सम्मेलन के इतर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इन मुलाकातों में आपसी सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा राज्य मंत्री स्पेन की राजधानी मैड्रिड में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इससे स्पेन में बसे भारतीय नागरिकों के साथ संपर्क और संवाद को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यह यात्रा भारत और स्पेन के बीच वर्ष 2026 के लिए घोषित संयुक्त पहल के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने 2026 को संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संयुक्त वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत दोनों देशों में विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। राज्य मंत्री की यात्रा इन्हीं आयोजनों की कड़ी का हिस्सा होगी।
भारत और स्पेन के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1956 में स्थापित हुए थे। वर्ष 2026 में दोनों देशों के संबंधों के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर दोनों देशों ने सहयोग के नए क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। इसी वर्ष आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज भी नई दिल्ली पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई थी। भारत और स्पेन के बीच रक्षा आधुनिकीकरण, एयरोस्पेस, नौसैनिक तकनीक और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी विकसित हो रही है।
व्यापारिक मोर्चे पर स्पेन यूरोप में भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 9.9 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। भारत में 250 से अधिक स्पेनिश कंपनियां सक्रिय रूप से कारोबार कर रही हैं। इन कंपनियों की मौजूदगी दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के विस्तार को दर्शाती है।
स्पेन में भारतीय समुदाय की संख्या लगभग 75 हजार बताई जाती है। दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाने के लिए भी कई प्रयास किए गए हैं। अगस्त 2024 में बार्सिलोना में भारत का नया महावाणिज्य दूतावास खोला गया था। इससे स्पेन में भारतीय नागरिकों को राजनयिक और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है। स्पेन के वलाडोलिड विश्वविद्यालय में हिंदी और भारतीय अध्ययन से जुड़ी पीठ स्थापित है। इसके अलावा स्पेन के कई शहरों में हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पबित्रा मार्गेरिटा की आगामी यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों और सम्मेलन में भागीदारी से इन सांस्कृतिक, शैक्षणिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को आगे बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
