November 1, 2026

बुरहानपुर के गरबा मंडल ने जीते 21 लाख रुपये, इसी संस्था के लकी ड्रॉ में बच्चे को मिली थी फॉर्च्यूनर

0
6-1793519255

मध्य प्रदेश: के बुरहानपुर के एक गरबा मंडल ने शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर 21 लाख रुपये का पुरस्कार अपने नाम किया है। इस उपलब्धि के बाद मंडल के सदस्यों में खुशी का माहौल है। इस आयोजन की खास बात यह भी रही कि प्रतियोगिता कराने वाली संस्था पहले भी अपने एक लकी ड्रॉ को लेकर चर्चा में आ चुकी है। इसी संस्था के लकी ड्रॉ में कुछ समय पहले बुरहानपुर के छह साल के बच्चे के नाम करीब 50 लाख रुपये की टोयोटा फॉर्च्यूनर कार निकली थी।

गरबा प्रतियोगिता का आयोजन खरगोन जिले की झिरनिया तहसील के आभापुरी स्थित श्री सरकार धाम नर नारायण सेवा संस्थान की ओर से किया गया था। संस्था की ओर से हर साल शरद पूर्णिमा पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष इसमें बुरहानपुर के गरबा मंडल ने पहला स्थान हासिल किया। विजेता मंडल को 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। पुरस्कार मिलने के बाद मंडल के सदस्यों ने उत्साह जताया और इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।

आयोजकों के मुताबिक, प्रतियोगिता कराने का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक करना है। इसमें खास तौर पर जेनरेशन जेड यानी युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। संस्था का मानना है कि गरबा जैसे पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर मिलता है।

इस वर्ष प्रतियोगिता में बुरहानपुर के मंडल ने अपनी प्रस्तुति के आधार पर पहला स्थान हासिल किया। इसके लिए उसे 21 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। विजेता पक्ष की ओर से इस पुरस्कार राशि को देश में आयोजित गरबा प्रतियोगिताओं में सबसे बड़ी राशि बताया गया है। हालांकि, यह दावा आयोजकों और विजेताओं की ओर से किया गया है।

इसी संस्था का नाम इससे पहले एक लकी ड्रॉ के कारण भी चर्चा में आया था। बुरहानपुर के सीलमपुरा क्षेत्र में रहने वाले छह वर्षीय मेदांश रायकवार के नाम पर उसकी दादी किरण रायकवार ने करीब एक साल पहले गरबा कार्यक्रम के दौरान 200 रुपये का कूपन खरीदा था। उन्होंने कूपन पर अपने पोते का नाम दर्ज कराया था। उस समय परिवार को अंदाजा नहीं था कि इस कूपन के जरिए उन्हें इतना बड़ा पुरस्कार मिल सकता है।

बाद में लकी ड्रॉ का परिणाम घोषित हुआ तो पहला पुरस्कार मेदांश के नाम निकला। उसे करीब 50 लाख रुपये कीमत की टोयोटा फॉर्च्यूनर कार मिली। इस खबर के बाद बच्चे के परिवार में खुशी का माहौल बन गया था। कार मिलने पर ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया गया और वाहन की पूजा-अर्चना भी की गई थी।

अब उसी संस्था की शरद पूर्णिमा गरबा प्रतियोगिता में बुरहानपुर के मंडल को 21 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। इस तरह कुछ समय के अंतराल में संस्था से जुड़े दो अलग-अलग आयोजनों के कारण बुरहानपुर चर्चा में रहा है। पहले लकी ड्रॉ में छह साल के बच्चे के नाम फॉर्च्यूनर कार निकली थी और अब गरबा प्रतियोगिता में शहर के मंडल ने पहला स्थान हासिल कर 21 लाख रुपये जीते हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *