October 30, 2026

आर्मेनिया की संसद में बहस के दौरान भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसद, लात-घूंसे चले और कुर्सियां तक फेंकी गईं

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नई दिल्ली ।आर्मेनिया की संसद में 29 अक्टूबर को एक बहस के दौरान ऐसा हंगामा हुआ कि सदन की कार्यवाही हिंसक झड़प में बदल गई। सत्ताधारी सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी और विपक्षी स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया गुट के सांसदों के बीच पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। सदन के भीतर सांसद एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाते और धक्का-मुक्की करते नजर आए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि संसद का मुख्य हॉल ही नहीं, बल्कि गलियारा भी झगड़े का मैदान बन गया। इस पूरी घटना का सीधा प्रसारण हो रहा था, जिसके कारण देशभर के लोगों ने सांसदों के बीच हुई मारपीट के दृश्य देखे।

बताया गया कि विवाद की शुरुआत ऑडिट चैंबर के एक सदस्य की नियुक्ति को लेकर हो रही चर्चा के दौरान हुई। उस समय सत्ताधारी दल के सांसद तारोन चाखोयान अपनी बात रख रहे थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विपक्षी नेता नारेक करापेत्यान के एक रिश्तेदार से जुड़ी पुरानी विवादित टिप्पणी का उल्लेख किया। चाखोयान के अनुसार, करापेत्यान के चचेरे भाई ने पहले विपक्ष के सत्ता में आने की स्थिति में महिलाओं को संतुष्ट करने के लिए अलग मंत्रालय बनाने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति ने इस बयान के लिए अब तक माफी नहीं मांगी है।

चाखोयान की इस टिप्पणी पर नारेक करापेत्यान ने अपनी सीट से ही विरोध जताना शुरू कर दिया। उन्होंने बयान को आपत्तिजनक बताया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच बहस और तेज हो गई। इसके बाद करापेत्यान अपनी सीट से उठकर मंच की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसद भी अपनी जगह से उठकर एक-दूसरे की तरफ बढ़े और देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई।

शुरुआत में सांसदों के बीच धक्का-मुक्की हुई, लेकिन जल्द ही स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। दोनों पक्षों के सदस्य एक-दूसरे को पकड़कर नीचे गिराने लगे। इस दौरान लात और घूंसे भी चले। संसद के उपाध्यक्ष वहागन अलेक्सान्यान को भी विपक्षी सांसदों की तरफ कुर्सी फेंकते हुए देखा गया। घटनास्थल के वीडियो में कई सांसदों को कुर्सियां उठाते और एक-दूसरे पर हमला करते देखा जा सकता है।

सदन के भीतर शुरू हुआ विवाद कुछ समय बाद संसद भवन के गलियारे तक पहुंच गया। वहां भी दोनों पक्षों के सांसदों के बीच धक्का-मुक्की और कहासुनी जारी रही। सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य सदस्यों ने कई बार हस्तक्षेप कर दोनों गुटों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ। इस दौरान कुछ सांसदों के कपड़े फट गए और कई लोगों को चोटें आईं।

घटना के बाद संसद भवन में एम्बुलेंस बुलाई गई। विपक्षी गुट स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया के सांसद एंड्रानिक गेवोरग्यान की नाक से खून बहता दिखाई दिया, जबकि उनके साथी सांसद रूबेन मखितारयान के कपड़े फटे हुए थे। अन्य कुछ सांसदों को भी मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई। दोबारा टकराव की आशंका को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने संसद के गलियारे में दोनों पक्षों के बीच अवरोध लगाया, ताकि सदस्य फिर आमने-सामने न आ सकें।

संसद के स्पीकर रूबेन रुबिनयान ने घटना के बाद नारेक करापेत्यान को झड़प के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ब्रेक के दौरान हुई बातचीत का वीडियो देखा था और उनके अनुसार तारोन चाखोयान के भाषण में ऐसी कोई बात नहीं थी, जिसे आपत्तिजनक माना जाए। स्पीकर ने आरोप लगाया कि करापेत्यान ने अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रखा और सीट से विरोध जताने के बाद उठकर चाखोयान पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी सांसद गार्निक दावत्यान ने भी चाखोयान पर हमला किया था।

रुबिनयान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जानबूझकर संसद की लाइव स्ट्रीमिंग बंद नहीं कराई, ताकि आम लोग सदन के भीतर चल रही घटनाओं को देख सकें। इससे पहले अक्टूबर महीने में भी सिविल कॉन्ट्रैक्ट और विपक्षी सांसदों के बीच विवाद हो चुका था। उस समय स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया के सांसद एडगर गाजरियन ने स्पीकर पर सांसदों को बोनस देने के लिए सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। उस मामले में भी दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और तनाव देखने को मिला था।

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