सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली बढ़त के बावजूद शेयर बाजार में बिकवाली हावी, कच्चे तेल और ग्लोबल गिरावट ने बढ़ाई चिंता
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 74,422.42 के ऊपरी स्तर और 74,099.33 के निचले स्तर के बीच कारोबार कर रहा था। इसी तरह निफ्टी ने 23,019.25 का उच्चतम और 22,919.85 का न्यूनतम स्तर दर्ज किया। प्रमुख सूचकांकों में मामूली तेजी के बावजूद ज्यादातर शेयरों में गिरावट ने बाजार की वास्तविक स्थिति को कमजोर बनाए रखा।
बाजार में बिकवाली का अंदाजा मार्केट ब्रेड्थ के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शुरुआती कारोबार के दौरान कुल 3,076 शेयरों में कारोबार हो रहा था। इनमें से 934 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 2,053 शेयर गिरावट में थे। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कुल 3,541 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,234 शेयरों में तेजी और 2,097 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट था कि बाजार में तेजी का दायरा सीमित था और अधिकांश शेयरों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ था।
बाजार में कमजोरी की एक प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी रही। शुक्रवार सुबह ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 1.20 प्रतिशत बढ़कर 112.13 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत में लगभग 1.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 103.15 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल के महंगे होने से भारत जैसे आयात पर निर्भर देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से तेल की कीमतों में तेजी को बाजार के लिए अहम चिंता माना जा रहा है।
दूसरा बड़ा कारण एशियाई शेयर बाजारों में आई गिरावट रही। शुक्रवार को जापान का निक्केई 225 करीब 2.58 प्रतिशत टूट गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.87 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। ताइवान के बाजार में 2.53 प्रतिशत और इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में 1.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले अमेरिकी बाजार में भी नैस्डैक करीब 1.42 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ था। वैश्विक बाजारों के इस रुख का असर भारतीय निवेशकों की धारणा पर भी दिखाई दिया।
तीसरा महत्वपूर्ण संकेत बाजार में बढ़ती अस्थिरता का रहा। इंडिया VIX शुक्रवार सुबह करीब 3.24 प्रतिशत उछलकर 15.61 के स्तर पर पहुंच गया। इसे बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव और निवेशकों की अनिश्चितता का संकेतक माना जाता है। इसमें बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि निवेशक आने वाले समय में बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव की आशंका जता रहे हैं। इसका असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर विशेष रूप से पड़ सकता है।
हालांकि, बिकवाली के बीच आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.37 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा में 0.96 प्रतिशत की तेजी रही। हेल्थकेयर इंडेक्स भी 0.82 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 1.78 प्रतिशत गिर गया। निफ्टी बैंक में 0.27 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.67 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.32 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
इस तरह शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में प्रमुख सूचकांकों की मामूली बढ़त और व्यापक स्तर पर जारी बिकवाली के बीच अंतर दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी बाजारों की कमजोरी और इंडिया VIX में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
