कविता से सिनेमा और दर्शन तक होगी चर्चा, इंदौर के वाणी साहित्य उत्सव में जुटेंगे दिग्गज रचनाकार
उत्सव का पहला प्रमुख आयोजन सुबह 9 से 11 बजे तक वाणी कविता कुंभ और मुशायरा ओपन माइक के रूप में होगा। इसका संचालन प्रतीक शर्मा करेंगे। इस मंच पर कविता और शायरी में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों को अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक ज्ञान के नवोन्मेष का वाणी साहित्य विषय पर संवाद होगा। इसमें शम्भूनाथ गरिमा श्रीवास्तव और राधावल्लभ त्रिपाठी शामिल होंगे। इस सत्र का संचालन प्रियंका दुबे करेंगी।
इस आयोजन का एक खास आकर्षण फ्रांज काफ्का की प्रसिद्ध पुस्तक द ट्रायल का हिंदी अनुवाद होगा। गरिमा श्रीवास्तव ने इस पुस्तक का हिंदी अनुवाद किया है। इसका लोकार्पण विकास दवे करेंगे। काफ्का की यह रचना विश्व साहित्य की चर्चित कृतियों में शामिल है। हिंदी पाठकों के लिए इसका नया अनुवाद उपलब्ध होना साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोपहर 12 से 1 बजे तक बच्चों के लिए विशेष कहानी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। वाणी त्रिपाठी टिक्कू बच्चों का मौजघर नाम से इस कार्यक्रम का संचालन करेंगी। इसका उद्देश्य बच्चों को कहानी सुनने और अपनी कल्पनाशीलता को रचनात्मक रूप देने का अवसर देना है।
दोपहर 2 से 3 बजे तक महिला फिल्म निर्माताओं और उनकी अनकही कहानियों पर चर्चा होगी। द रिवोल्यूशनरीज वुमन क्रिएटिंग वुमन स्टोरीज अनटोल्ड नाम के इस सत्र में मोनिशा आडवाणी और मधु भोजवानी बातचीत करेंगी। इसका संचालन वाणी त्रिपाठी टिक्कू करेंगी। इसके बाद दोपहर 3 से 4 बजे तक गुलमेंहदी की झाड़ियां सम्मोहक सरोवर में सत्र आयोजित होगा। इसमें कहानीकार तरुण भटनागर की रचनाओं पर उदय प्रकाश और विवेक चतुर्वेदी के साथ चर्चा होगी। संचालन हरि भटनागर करेंगे।
शाम 4 से 5 बजे तक रामेश्वर राय का सत्र माट सा’ब की कक्षा आयोजित होगा। इसका संचालन अदिति माहेश्वरी करेंगी। शाम 5 से 6 बजे तक बुद्ध आध्यात्मिक घटना या दुर्घटना विषय पर संवाद होगा। इसमें ओमा द अक् और कृतिका देसाई विचार साझा करेंगे।
दिन का प्रमुख साहित्यिक आकर्षण शाम 6 से 7 बजे तक होने वाला मुशायरा रहेगा। यह शीन काफ़ निज़ाम की छाया में आयोजित होगा और रघुपति सहाय फिराक गोरखपुरी को समर्पित रहेगा। इसमें माधव कौशिक ओमा द अक् सतलज राहत इंदौरी और सुनील अटोलिया कालू शामिल होंगे। इसके साथ ही इश्क़ के सात पड़ाव पुस्तक का लोकार्पण भी होगा। इस सत्र में प्रिया मालिक और अदिति माहेश्वरी शामिल रहेंगी तथा संचालन सौम्या कुलश्रेष्ठ करेंगी।
कुल मिलाकर वाणी साहित्य उत्सव में एक ही दिन के भीतर कविता कहानी अनुवाद सिनेमा और दर्शन के कई पहलुओं पर विचार-विमर्श होगा। यह आयोजन साहित्य प्रेमियों और नए लेखकों के लिए रचनात्मक संवाद का मंच बनेगा।
