नसीरुद्दीन शाह और पुनीत इस्सर के बीच वैचारिक टकराव, JNU और सरकार के मुद्दे पर अभिनेता ने उठाए तीखे सवाल
एक समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान पुनीत इस्सर ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह का सम्मान अपनी जगह है लेकिन जब कोई सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखता है तो उसे सभी पक्षों को ध्यान में रखना चाहिए। उनके मुताबिक देश और दुनिया में कई ऐसी घटनाएं होती हैं जिन पर कलाकारों और बुद्धिजीवियों को अपनी बात रखनी चाहिए। पुनीत ने आरोप लगाया कि नसीरुद्दीन शाह का नजरिया एकतरफा दिखाई देता है और वह वामपंथी तथा नक्सल समर्थक विचारों से जुड़े मुद्दों पर ही अधिक बोलते हैं। उन्होंने इसे चुनिंदा मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने की प्रवृत्ति बताया।
पुनीत इस्सर ने अपनी बातचीत में जेएनयू के छात्रों और कथित टुकड़े टुकड़े गैंग का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में दोषी अपराधियों और जेल में बंद आतंकवादियों से जुड़े मामले सामने आते हैं तो कुछ लोग उनके समर्थन में आवाज उठाते हैं। पुनीत के अनुसार ऐसे मामलों पर भी खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रति जिम्मेदारी केवल सरकार की आलोचना करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर भी स्पष्ट रुख सामने आना चाहिए। ये सभी पुनीत इस्सर के निजी विचार हैं।
अभिनेता ने यह भी साफ किया कि उन्हें नसीरुद्दीन शाह के विचार रखने या सरकार की आलोचना करने के अधिकार से कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात कहने और सत्ता से सवाल पूछने का अधिकार है। लेकिन यदि किसी को मौजूदा सरकार की नीतियां पसंद नहीं हैं तो उसे राजनीतिक रास्ता भी अपनाना चाहिए। पुनीत ने कहा कि ऐसे लोगों को चुनावी मैदान में उतरना चाहिए जनता के बीच जाना चाहिए और चुनाव जीतकर सरकार को बदलने की कोशिश करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार को जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुना है। इसलिए केवल असहमति जताने के बजाय राजनीतिक विकल्प के जरिए अपनी बात जनता तक पहुंचाना चाहिए। उनके इस बयान को नसीरुद्दीन शाह की हालिया टिप्पणियों पर सीधी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया था। छात्र अपनी छात्र यूनियन को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में खुद को दिमागी नक्सल बताया था। नसीरुद्दीन शाह ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और युवाओं का हौसला तोड़ने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया था।
इन्हीं बयानों के बाद पुनीत इस्सर की प्रतिक्रिया सामने आई है। दोनों अभिनेता अपने अपने विचारों को लेकर चर्चा में हैं। इस पूरे मामले ने एक बार फिर फिल्मी दुनिया के कलाकारों की राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर राय को लेकर बहस तेज कर दी है।
