शिवराज सिंह चौहान पर टूटा दुखों का पहाड़, दूसरी मां काशीबाई ने दुनिया को कहा अलविदा, निधन की खबर से परिवार में शोक
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार काशीबाई का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर तीन बजे उनके पैतृक गांव जैत में किया जाएगा। जैत गांव सीहोर जिले में स्थित है और शिवराज सिंह चौहान का भी इस गांव से गहरा जुड़ाव रहा है। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है। काशीबाई ने परिवार को संभालने और बच्चों के पालन पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके निधन से परिवार ने एक ऐसी महिला को खो दिया है जिन्होंने अपने जीवन में बच्चों की देखभाल और परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी।
काशीबाई के निधन की सूचना मिलते ही शिवराज सिंह चौहान ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। शुक्रवार को उन्हें रायसेन में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होना था लेकिन परिवार में दुखद घटना के कारण अब वे इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके आगे के कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। इस कठिन घड़ी में उनका परिवार के साथ रहना स्वाभाविक है।
शिवराज सिंह चौहान के जीवन में काशीबाई का विशेष स्थान रहा है। उनकी पहली मां सुंदरबाई का निधन बचपन में ही हो गया था। उस समय शिवराज सिंह चौहान और उनके भाई बहनों को मां के स्नेह से वंचित होना पड़ा था। इसके बाद उनके पिता प्रेम सिंह चौहान ने बच्चों की देखभाल और परिवार को संभालने के उद्देश्य से काशीबाई से दूसरी शादी की थी। काशीबाई ने परिवार में आने के बाद बच्चों के लालन पालन की जिम्मेदारी निभाई और उन्हें स्नेह दिया। इसी वजह से परिवार में उनका स्थान महत्वपूर्ण रहा।
शिवराज सिंह चौहान के परिवार में उनके भाई नरेंद्र सिंह चौहान और रोहित सिंह चौहान तथा बहन शशि हैं। वहीं काशीबाई के बेटे वरुण सिंह चौहान पेशे से वकील हैं। काशीबाई भोपाल के साकेत नगर में रहती थीं। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। सांस लेने में परेशानी बढ़ने पर उन्हें भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया था जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा था।
काशीबाई के निधन से परिवार को गहरा दुख पहुंचा है। एक सप्ताह तक अस्पताल में उपचार के बाद शुक्रवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आई। अब उनके पैतृक गांव जैत में अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। परिवार और परिचितों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
