मध्य प्रदेश के सरकारी पोर्टल्स पर साइबर हमले का खतरा, NIC का अलर्ट जारी, विशेषज्ञों की टीमें 24 घंटे निगरानी में जुटीं
प्रदेश में बिजली, राजस्व, नागरिक आपूर्ति और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी कई वेबसाइटें PHP तकनीक पर संचालित होती हैं। ऐसे में सॉफ्टवेयर की सुरक्षा में सामने आई कमी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस खामी का फायदा उठाकर हमलावर दूर से ही सरकारी सर्वर तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में इसके लिए सामान्य लॉगिन या पासवर्ड की आवश्यकता नहीं पड़ने का जोखिम भी बताया गया है।
साइबर सुरक्षा से जुड़ी इस कमजोरी को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी गंभीरता का आकलन 10 में से 9.2 अंक के रूप में किया गया है। यह रेटिंग संभावित खतरे की गंभीरता को दर्शाती है। इंटरनेट पर उपलब्ध कुछ सर्वरों को निशाना बनाने की शुरुआती कोशिशें भी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन प्रयासों के मध्य प्रदेश में होने की पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा खामी को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण डेटा की चोरी होने और ऑनलाइन सेवाओं के बाधित होने का खतरा पैदा हो सकता है। सरकारी पोर्टल्स के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में सर्वर की सुरक्षा में सेंध लगने से विभागीय कामकाज के साथ-साथ आम लोगों को मिलने वाली डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
अलर्ट में पुराने सॉफ्टवेयर संस्करणों का इस्तेमाल करने वाले विभागों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। जिन वेबसाइटों पर PHP के पुराने या अपडेट नहीं किए गए संस्करण चल रहे हैं, उनके अधिक जोखिम में होने की आशंका है। तकनीकी सलाह के मुताबिक, पुराने संस्करणों में मौजूद सुरक्षा कमजोरियों को दूर करना जरूरी है, ताकि हमलावर उनका फायदा न उठा सकें।
इसी के तहत सरकारी वेबसाइटों और सर्वरों का प्रबंधन करने वाली तकनीकी टीमों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने और उपलब्ध सुरक्षा पैच लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सर्वरों पर आने वाले इंटरनेट ट्रैफिक की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनधिकृत पहुंच की कोशिश सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करना इस निगरानी व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है।
प्रदेश में साइबर सुरक्षा की स्थिति को लेकर वैभव श्रीवास्तव, एसपी एटीएस एवं ज्वाइंट डायरेक्टर CERT ने बताया कि सुरक्षा संबंधी अलर्ट प्राप्त हुआ है और उनकी टीम लगातार सातों दिन, 24 घंटे निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पिछले दो वर्षों से काम किया जा रहा है और अब तक ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।
सरकारी पोर्टल्स की सुरक्षा के लिए फिलहाल सॉफ्टवेयर अपडेट, सर्वर मॉनिटरिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को प्राथमिकता दी जा रही है। तकनीकी टीमों के सामने चुनौती यह है कि संभावित कमजोरियों को जल्द दूर किया जाए और सरकारी डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित तथा सुचारु बनाए रखा जाए।
